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IC 814: पंजाब के पूर्व पुलिस प्रमुख ने किया हाईजैक आईसी 814 पर लिए फैसले का बचाव, दिल्ली को दी थी यह चेतावनी

Sun, 15 Sep 2024 01:03 AM IST
साक्षी एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला
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'आईसी 814 द कंधार हाईजैक' - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, मुंबई
पंजाब के पूर्व पुलिस महानिदेशक सरबजीत सिंह दिसंबर 1999 में काठमांडू से हाईजैक इंडियन एयरलाइंस के विमान के अमृतसर में उतरने के समय कार्रवाई के केंद्र में थे। हाईजैक के बाद उनके फैसले पर सवाल उठे कि उन्होंने अमृतसर से विमान को उड़ान क्यों भरने दिया। अब उन्होंने संकट के दौरान नई दिल्ली में अधिकारियों के साथ बातचीत को याद किया। फ्लाइट आईसी 814 अमृतसर में लगभग 45 मिनट तक रुकी और फिर वापस उड़ान भरी और फिर कंधार में उतरी। वहां, यह कई दिनों तक रुकी रही, क्योंकि भारतीय अधिकारियों ने बंधकों को मुक्त करने के लिए आतंकवादियों के साथ बातचीत की। विमान को अमृतसर से जाने देना एक बड़ी गलती मानी गई, क्योंकि तब यह दुश्मनों के इलाके में प्रवेश कर गया था। इस अपहरण को हाल ही में नेटफ्लिक्स सीरीज आईसी 814: द कंधार हाईजैक में दिखाया गया था।
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'आईसी 814: द कंधार हाईजैक' - फोटो : इंस्टाग्राम @itsvijayvarma
हाल ही में सरबजीत सिंह ने बताया कि उन्हें अपहरण के बारे में समाचारों से पता चला। हालांकि, वे चंडीगढ़ में थे, लेकिन उन्होंने अपनी अंतरात्मा पर भरोसा किया और किसी भी स्थिति से निपटने के लिए दो कमांडो टुकड़ियां अमृतसर हवाई अड्डे पर भेज दीं। वे आईबी प्रमुख श्यामल दत्ता और पूर्व रॉ प्रमुख एएस दुलत के संपर्क में रहे। इस बीच डीआईजी बॉर्डर जसविंदर सिंह अमृतसर हवाई अड्डे पर एटीसी टॉवर पर पहुंचे और फ्लाइट कैप्टन देवी शरण से बात की।
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'आईसी 814: कंधार हाईजैक - फोटो : अमर उजाला, ब्यूरो मुंबई
उन्होंने कहा, 'जब मुझे बताया गया कि विमान अमृतसर में उतर चुका है तो दिल्ली से बात करने से पहले मेरी पहली प्रतिक्रिया थी कि ईंधन मत भरो और देवी शरण बोल रहे थे कि कृपया हमें ईंधन दो, कृपया हमें ईंधन दो। इस बीच, दिल्ली मुझसे कुछ करने के लिए कह रही थी, और मैंने कहा कि देखिए, मेरी दो कंपनियां वहां हैं, वे ऑटोमैटिक हथियारों से लैस हैं, लेकिन हमारे पास अपहरण के लिए कोई विशेष उपकरण नहीं है। हमारे पास विमान तक पहुंचने के लिए सीढ़ी भी नहीं है। गोली तो चलेगी होगी और अगर गोलीबारी हुई तो मैं आपको नहीं बता सकता कि कितने लोग मरेंगे।'

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'आईसी 814: कंधार हाईजैक - फोटो : अमर उजाला, ब्यूरो मुंबई
योजना यह थी कि ईंधन लेने से मना करके चीजों को टाला जाए और एनएसजी के आने का इंतजार किया जाए। सरबजीत को तब झटका लगा, जब कैप्टन देवी शरण ने 45 मिनट बाद उड़ान भरी, जबकि विमान में 10 मिनट से भी कम ईंधन बचा था। यह विमान लाहौर गया, ईंधन भरा गया और दुबई और फिर कंधार के लिए रवाना हुआ। शरण की बहादुरी की प्रशंसा करते हुए सरबजीत ने कहा, 'मैं देवी शरण को साहस और धैर्य के लिए पूरे नंबर दूंगा। उन्होंने डरने का नाटक किया, लेकिन मैं देख सकता था कि वह व्यक्ति जो करने की कोशिश कर रहे थे, उस पर उनका पूरा नियंत्रण था, मैं कभी नहीं सोच सकता था कि नौ मिनट के ईंधन के साथ एक आदमी उड़ान भर सकता है। मैं नो-फ्यूल-नो-टेकऑफ की अवधारणा पर काम कर रहा था, कोई भी समझदार पायलट इस तरह से उड़ान नहीं भर सकता।'
 
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'आईसी 814 : द कंधार हाईजैक' - फोटो : इंस्टाग्राम @itsvijayvarma
सरबजीत ने बताया, 'मैंने दिल्ली में लोगों को चेतावनी दी थी कि मेरे लोग जमीन पर इंतजार कर रहे हैं, लेकिन अगर हम कार्रवाई करते हैं तो गोलीबारी होगी और लोग मरेंगे। हमारे प्रोटोकॉल के अनुसार, केंद्रीय सीएमजी अपहरण को संभालते हैं और उन्होंने मुझसे कहा कि गोली मत चलाओ। मैंने श्यामल से कहा कि अगर तुम तैयार हो तो मैं शुरू कर दूंगा, लेकिन उन्होंने कहा कि मत करो। विमान को डीएक्टिवेट कर दो, लेकिन अपने साथियों के साथ मत जाओ।' विजय वर्मा अभिनीत 'आईसी184 द कंधार हाईजैक' भारत के रक्षा इतिहास में कुख्यात विमान अपहरण की कहानी है। इसने देश की दिलचस्पी जगा दी है और वार्ता में शामिल भारतीय अधिकारी उस दर्दनाक घटना को याद कर रहे हैं।
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