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Director Turns Actor: कैमरे के पीछे से बेहतरीन फिल्में बनाने वाले वो निर्देशक, जो बतौर अभिनेता पर्दे पर आए

Fri, 14 Jun 2024 04:29 PM IST
सर्वजीत कृष्णा एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला

सार

 हिंदी फिल्म इंडस्ट्री में कई ऐसे निर्देशक हुए, जिन्होंने बेहतरीन फिल्मों का निर्देशन किया और फिर पर्दे पर बतौर अभिनता भी नजर आए। 
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पर्दे पर अभिनेता बने ये निर्देशक - फोटो : इ्ंस्टाग्राम
किसी भी फिल्म के निर्माण में एक निर्देशक सबसे महत्वपूर्ण कड़ी होता है। निर्देशक के कंधे पर पूरी फिल्म की जिम्मेदारी होती है। निर्देशकों के लिए फिल्म के हर पहलु पर पकड़ होना आवश्यक होता है। इसके अलावा निर्देशक फिल्म से जुड़ी बारीकियों पर भी बराबर ध्यान देता है। ऐसे में निर्देशक के लिए अभिनय क्षमता पर पकड़ होना भी जरूरी होता है। हिंदी फिल्म इंडस्ट्री में कई ऐसे निर्देशक हुए, जिन्होंने बेहतरीन फिल्मों का निर्देशन किया और फिर पर्दे पर बतौर अभिनता भी नजर आए। 
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अनुराग कश्यप - फोटो : इ्ंस्टाग्राम
अनुराग कश्यप
इस कड़ी में सबसे ताजा नाम है मशहूर निर्देशक अनुराग कश्यप का। बतौर निर्देशक उन्होंने एक से बढ़कर एक फिल्में बनाई हैं। अनुराग अपनी 'ब्लैक फ्राइडे', 'देव डी', 'गुलाल', 'गैग्स ऑफ वासेपुर' आदि फिल्मों के लिए जाने जाते हैं। उनकी फिल्मों की अपनी एक खास शैली है, जिसकी वजह से कई बार उन्हें आलोचनाओं का सामना भी करना पड़ता है। हालांकि, तमाम आलोचनाओं और विवादों के बाद भी उनकी गिनती हिंदी फिल्म इंडस्ट्री के बेहतरीन निर्देशकों में होती है। निर्देशक के अलावा अनुराग बतौर अभिनेता भी नजर आए हैं। उन्होंने जब भी बतौर अभिनेता काम किया है, दर्शकों को वह पसंद आए हैं। उन्होंने 'शागिर्द', 'अकीरा', 'धूमकेतु', 'हड्डी' आदि कई फिल्मों में अभिनय किया है। वह जल्द ही एक्शन थ्रिलर वेब सीरीज 'बैड कॉप' में नजर आने वाले हैं, जो 27 जून को डिज्नी+हॉट स्टार पर प्रीमियर होगी। इसके अलावा वह आगामी फिल्म 'राइफल क्लब' से मलयालम सिनेमा में भी डेब्यू करने वाले हैं।
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फरहान अख्तर - फोटो : इ्ंस्टाग्राम
फरहान अख्तर 
फरहान हिंदी फिल्मों के जाने माने निर्देशक हैं। उन्होंने बतौर निर्देशक साल 2001 में रिलीज हुई फिल्म 'दिल चाहता है' से फिल्मी दुनिया में कदम रखा था। इस फिल्म में आमिर खान, सैफ अली खान और अक्षय खन्ना मुख्य किरदारों में नजर आए थे। फिल्म बॉक्स ऑफिस पर काफी सफल साबित हुई थी। इसके बाद उन्होंने बतौर निर्देशक 'लक्ष्य', 'डॉन' जैसी फिल्में बनाईं। निर्देशन के बाद उन्होंने बतौर अभिनेता भी पर्दे पर कामयाबी हासिल की। उन्होंने साल 2008 में फिल्म 'रॉक ऑन' से पर्दे पर बतौर अभिनेता कदम रखा। फिल्म में उनके अभिनय की काफी सराहना भी हुई। इसके बाद वह 'लक बाय चांस', 'कार्तिक कॉलिंग कार्तिक', 'भाग मिल्खा भाग',  'जिंदगी ना मिलेगी दोबारा' आदि फिल्मों में अपनी अदाकारी का जलवा बिखेरा। बतौर अभिनेता वह आखिरी बार साल 2021 में रिलीज हुई फिल्म 'तूफान' में नजर आए थे। 
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फराह खान कुंदर - फोटो : इ्ंस्टाग्राम
फराह खान कुंदर 
फराह हिंदी सिनेमा की मशहूर कोरियोग्राफर, निर्देशक और फिल्म निर्माता हैं। उन्होंने 80 से भी अधिक फिल्मों में सौ से भी अधिक गानों को कोरियोग्राफ किया है। फराह को उनकी कोरियोग्राफी के लिए राष्ट्रीय पुरस्कार भी मिल चुका है। फरहा ने साल 2004 में रिलीज हुई फिल्म 'मैं हूं ना' के साथ बतौर निर्देशक अपने करियर की शुरुआत की थी। फिल्म में शाहरुख खान बतौर मुख्य अभिनेता नजर आए थे। इसके बाद फराह ने 'ओम शांति ओम', 'तीस मार खान' और 'हैप्पी न्यू ईयर' जैसी फिल्मों का भी निर्देशन किया। कैमरे के पीछे से निर्देशन करने वाली फराह, फिल्म  'शिरीन फरहाद की तो निकल पड़ी' से बतौर अभिनेत्री पर्दे पर नजर आईं। साल 2012 में रिलीज हुई इस फिल्म में वह अभिनेता बोमन ईरानी के साथ नजर आई थीं। हालांकि, यह फिल्म बॉक्स ऑफिस पर व्यावसायिक रूप से असफल साबित हुई थी। 
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तिग्मांशु धूलिया - फोटो : सोशल मीडिया
तिग्मांशु धूलिया
तिग्मांशु धूलिया हिंदी फिल्मों के मशहूर निर्माता-निर्देशक हैं। उन्होंने अपना करियर मशहूर निर्देशक शेखर कपूर की फिल्म 'बैंडिट क्वीन' से शुरु किया था। उन्होंने इस फिल्म से बतौर कास्टिंग निर्देशक अपने करियर की शुरुआत की थी। इस दौरान उन्होंने कुछ फिल्मों की पटकथा भी लिखी। बतौर फिल्म निर्देशक उन्होंने साल 2003 में आई फिल्म 'हासिल' से अपने करियर की शुरुआत की। इसके बाद उन्होंने 'शागिर्द', 'साहब', 'बीबी और गैंगस्टर', 'पान सिंह तोमर' आदि फिल्मों का निर्देशन किया। बतौर अभिनेता वह पहली बार अनुराग कश्यप की फिल्म 'गैंग्स ऑफ वासेपुर' के पहले भाग में नजर आए थे। इस फिल्म में वह रामाधीर सिंह का किरदार निभाया था। इसके अलावा वह खुद की निर्देशित फिल्म 'मिलन टॉकीज' में भी अली फजल के पिता के किरदार में नजर आए थे। 
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जोया अख्तर - फोटो : इ्ंस्टाग्राम
जोया अख्तर
जोया हिंदी सिनेमा की जानी मानी निर्देशक हैं। उन्होंने 'लक बाय चांस', 'जिंदगी ना मिलेगी दोबारा', 'दिल धड़कने दो', 'गली ब्वॉय', 'आर्चीज' आदि फिल्मों का निर्देशन किया है। जोया को अब तक चार बार फिल्म फेयर पुरस्कारों से सम्मानित किया जा चुका है। जोया अपने निर्देशन में बनी फिल्मों को लेकर काफी जानी जाती हैं, लेकिन बहुत कम लोगों को पता है कि जोया कैमरे के सामने अभिनय भी कर चुकी हैं। वह 'काम सूत्र: ए टेल ऑफ लव' में बतौर अभिनेत्री नजर आई थीं। यह फिल्म साल 1996 में रिलीज हुई थी। फिल्म में उन्होंने एक तवायफ का किरदार निभाया था। 
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