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25 की उम्र के होने से पहले जरूर देख लें ये 10 बॉलीवुड फिल्में, जिंदगी में नहीं रहेगी कोई टेंशन

Sun, 02 Sep 2018 11:46 AM IST
एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला
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Bollywood
फिल्में समाज का रूप होती हैं और समाज पर आधारित भी फिल्में बनती हैं। यह एक तरह से वैचारिक आदान-प्रदान वाली स्थिति हैं। खैर, बात करेंगे उन 10 बॉलीवुड फिल्मों की जिसे आपको 25 साल के होने से पहले देख ही लेनी चाहिए। हो सकता है किसी तनाव के चलते आप जिंदगी का असल महत्व नहीं समझ पा रहे हो तो वो इन फिल्मों से शीशे की तरह साफ हो जाएगा। तो जानते हैं इन 10 फिल्मों के बारे में...
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Bollywood
इस कड़ी में सबसे पहले बात करेंगे बॉलीवुड के सुपरहीरो ऋतिक रोशन की फिल्म 'लक्ष्य' की। बता दें कि अगर जिंदगी में कोई टारगेट और लक्ष्य ना हो तो कामयाबी हासिल नहीं की जा सकती। समय से सोना और जागना अपने लक्ष्य के प्रति पाबंद होना ये सब इस फिल्म में सिखाया गया है। 

डायलॉग- जिस दिन जिंदगी में ये सोच लिया कि क्या करना है तो फिर देखिए तुम कहां से कहां पहुंचते हो।  
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dil chahta hai
तीन दोस्तों की जिंदगी के इर्द-गिर्द घूमती फिल्म 'दिल चाहता है' नौजवनों को बहुत बड़ी सीख देती है। फिल्म में आमिर, सैफ और अक्षय खन्ना ने इस बात को बखूबी समझाने की कोशिश की है कि हर इंसान की जिंदगी का हर पल बहुत कीमती होता है। 

डायलॉग- आज नहीं तो कल हम अपनी मंजिलों को ढूंढते हुए निकलेंगे और हो सकता है कि हमारी मंजिले अलग-अलग हों।

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zindagi na milegi dobara
फिल्म 'जिंदगी ना मिलेगी दोबारा' भी इस बात को समझाती है कि खुद को कभी रोकना नहीं चाहिए। बता दें कि 25 साल जिंदगी की उम्र का चौथा हिस्सा है जिसमें पूरी दुनिया को जीता जा सकता है। लेकिन इस भाग-दौड़ भरी जिंदगी में उलझकर लोग जिंदगी के असल महत्व को समझ ही नहीं पा रहे हैं।

डायलॉग- इंसान को डिब्बे में सिर्फ तब होना चाहिए जब वह मर चुका हो।
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3 Idiots
साल 2009 में '3 इडियट्स' ने ना जाने कितने नौजवानों का हौसला बढ़ाया होगा। फिल्म थी ही कुछ ऐसी कि बार-बार देखने के बाद भी हर बार नई चीज समझने और जानने को मिलती है। आमिर, माधवन और शरमन के साथ-साथ एक्टर बोमन ईरानी ने भी एजुकेशन के पूरे सिस्टम को ही खोल कर रख दिया।  

डायलॉग- सक्सेस के पीछे मत भागो, बच्चा काबिल बनो काबिल कामयाबी तो साली झक मारकर पीछे आएगी।  
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Rang De Basanti
फिल्म 'रंग दे बसंती' नौजवानों की जिंदगी और देशभक्ति पर आधारित है। इस फिल्म में भी आपको इस असल जिंदगी की परख होगी। कैसे अपने विचारों को इस्तेमाल करना है और कैसे उन्हें लोगों तक पहुंचाना है और समाज को समझना और समझाना है।

डायलॉग- या तो जो हो रहा है उसे होने दो या फिर जिम्मेदारी उठाओ उसे बदलने की। 
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Bhaag Milkha Bhaag
फिल्म 'भाग मिल्खा भाग' आपके जीवन में नई स्फूर्ति को पैदा कर सकती है और आपके जज्बे को और भी मजबूत कर सकती है। फिल्म में जीवन में कामयाब होने के संघर्ष को जमीनी स्तर से दिखाया गया है जोकि सच्चाई पर आधारित है। 

डायलॉग- जिंदगी का ये घड़ा ये, एक सांस में चढ़ा ले, हिचकियों में क्या है मरना पूरा ही मर ले।

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rockstar
फिल्म 'रॉकस्टार' में रणबीर कपूर ने तारीफे काबिल काम किया है। बता दें कि जब आप 25 साल के होते हैं तो संगीत के मुकाबले प्यार और दर्द के मायने ही अलग होते हैं। फिल्म एक सिंगर के संघर्ष से रूबरू करवाती है। 

डायलॉग- पता है यहां से बहुत दूर सही और गलत के पार एक मैदान है वही मिलुंगा मैं तुझे।

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queen
फिल्म 'क्वीन' में एक्ट्रेस कंगना रनौत ने साबित कर दिया कि लड़कियां कमजोर नहीं साहसी होती हैं। फिल्म में एक दौर ऐसा आता है जब लड़की की बारात आने से पहले लड़का भाग जाता है और ऐसे में वो लड़की खुद को खत्म की बजाय खुलकर जीने को तवज्जो देती है वो उस हर पल को जीती है जिसने उसे अपने शादी के बाद के लिए प्लान किया गया था। 

डायलॉग- मैं इंडिया से हूं, रजौरी सुना है, मैं अपने हनीमून पर अकेली आई हूं। 

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Chak De India
फिल्म 'चक दे इंडिया' में शाहरुख खान ने भारतीय महिला हॉकी टीम को इस कदर पेश किया है कि वो एक-एक खिलाड़ी में कामयाब होने की चेतना को पैदा करता है। फिल्म सिर्फ खिलाड़ियों में ही नहीं बल्कि हर नौजवान में आगे बढ़ने के लिए जोश भरती है। 

डायलॉग- जाओ और ये 70 मिनट जीभरकर खेलो, ये 70 मिनट खुदा भी तुमसे वापस नहीं मांग सकता।  
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तारे जमीं फिल्म का एक दृश्य
आखिर में बात करेंगे फिल्म 'तारे जमीन पर' की। फिल्म को देखकर एक ही बात सामने आती है कि बच्चों के मन को समझो और उसकी गतिविधियों पर ध्यान दो कि वह किस दिशा में बेहतर कर सकता है। इसके बाद उसकी इस दिशा में आगे बढ़ने के लिए मदद करें। 

डायलॉग- हर बच्चे की अपनी खूबी होती है, काबिलियत होती है और चाहत होती है। 
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