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World Cancer Day: कैंसर पीड़ित का रोल कर सुपरहिट हुए राजेश खन्ना, सुशांत ने किया सभी को भावुक

Thu, 04 Feb 2021 11:04 AM IST
शुभांगी गुप्ता अमर उजाला ब्यूरो, मुंबई
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फिल्म 'आनंद' और 'दिल बेचारा' - फोटो : फिल्म पोस्टर
हिंदी सिनेमा में कलाकारों ने अलग-अलग तरह की बीमारियों से पीड़ित होने के चुनौतीपूर्ण किरदार पर्दे पर निभाए हैं। हिंदी फिल्मों में शाहरुख खान, राजेश खन्ना जैसे कई ऐसे कलाकार भी रहे जिन्होंने कैंसर जैसी लाइलाज बीमारी से पीड़ित किरदारों का दर्द परदे पर जीकर दिखाया और अपने अभिनय के लिए खूब तालियां बटोरीं। कैंसर दिवस के मौके पर हम आपको बताते हैं उन फिल्मों के बारे में जिनमें कलाकारों ने निभाए कैंसर पीड़ित के किरदार...
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सफर - फोटो : फिल्म पोस्टर
सफर (1970)
बेहतरीन अदाकारी की जब बात होगी तो राजेश खन्ना का नाम तो लिया ही जाएगा। उन्होंने असित सेन के निर्देशन में वर्ष 1970 में रिलीज हुई फिल्म 'सफर' में एक कैंसर पीड़ित का किरदार निभाया। फिल्म में राजेश के किरदार का नाम अविनाश है जो शर्मिला टैगोर के किरदार डॉक्टर नीला से प्रेम करता है। सब कुछ ठीक होने के बावजूद अविनाश कभी नीला से शादी करने की बात नहीं कहता। सबको लगता है कि शायद अविनाश की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं है। इसलिए, वह ऐसा कर रहा है। जबकि हकीकत बाद में पता चलती है कि अविनाश को अंतिम स्तर का कैंसर है।
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आनंद - फोटो : फिल्म पोस्टर
आनंद (1971)
अगले ही साल एक बार फिर से राजेश खन्ना ने वर्ष 1971 की फिल्म 'आनंद' में कैंसर पीड़ित का किरदार निभाया। राजेश खन्ना का इस फिल्म में किरदार आनंद सहगल का है जिसे आंतों में दुर्लभ कैंसर है। आनंद जानता है कि वह छह महीने से ज्यादा जी नहीं सकता। लेकिन, फिर भी वह खुश रहता है और अपने आसपास के लोगों को भी खुश करता है। यहां भास्कर बनर्जी नाम का एक किरदार है जिसे अमिताभ बच्चन ने निभाया। भास्कर भी आनंद के व्यक्तित्व से प्रभावित होता है और ये दोनों दोस्त बन जाते हैं। राजेश खन्ना की यह फिल्म उनकी  बेहतरीन फिल्मों में से एक है। इसके लिए राजेश खन्ना ने सर्वश्रेष्ठ अभिनेता का फिल्मफेयर पुरस्कार जीता।

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याद रखेगी दुनिया - फोटो : फिल्म पोस्टर
याद रखेगी दुनिया (1992)
वर्ष 1989 की तेलुगू भाषा की ब्लॉकबस्टर फिल्म 'गीतांजलि' का रीमेक दीपक आनंद ने वर्ष 1992 में 'याद रखेगी दुनिया' नाम से बनाया। मणि रत्नम की इस कहानी को जब हिंदी में बनाया गया तो इसमें मुख्य भूमिका निभाई आदित्य पंचोली और रुखसार रहमान ने। आदित्य पंचोली का किरदार फिल्म में विक्की आनंद का रहा जो एक सड़क दुर्घटना होने के बाद अस्पताल में जाता है। वहां से उसे पता चलता है कि उसे कैंसर है। इतना सुनते ही विक्की दुनियादारी को छोड़कर पहाड़ों में जीवन व्यतीत करने चल देता है। वहां उसकी मुलाकात होती है नैना से। नैना एक हंसमुख लड़की है। दोनों एक दूसरे से मिलते हैं और प्यार कर बैठते हैं। फिर विक्की को पता चलता है कि नैना को भी वही बीमारी है जो खुद विक्की को है।
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कल हो न हो - फोटो : फिल्म पोस्टर
कल हो न हो (2003)
हिंदी फिल्मों के बादशाह रह चुके अभिनेता शाहरुख खान ने भी निखिल आडवाणी की फिल्म 'कल हो ना हो' में एक कैंसर पीड़ित की भूमिका निभाई है। इस फिल्म में शाहरुख के साथ सैफ अली खान और प्रीति जिंटा मुख्य भूमिकाओं में रहे। यह कहानी मुख्य रूप से प्रीति जिंटा के किरदार नैना कपूर की है जो बहुत निराशावादी है। उसे अपने पड़ोस में रहने वाले लड़के अमन माथुर से प्रेम हो जाता है। अमन माथुर का किरदार शाहरुख खान ने निभाया है। अमन पहले से ही कैंसर का मरीज है इसलिए वह कोशिश करता है कि नैना उसके करीब न आकर उसके दोस्त रोहित पटेल से नजदीकियां बढ़ाए। शाहरुख खान का काम यहां काबिले तारीफ रहा। शाहरुख को इस फिल्म के लिए सर्वश्रेष्ठ अभिनेता के फिल्मफेयर पुरस्कार के लिए नामित किया गया।
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वक्त- द रेस अगेंस्ट टाइम - फोटो : फिल्म पोस्टर
वक्त- द रेस अगेंस्ट टाइम (2005)
विपुल अमृतलाल शाह के निर्देशन में बनी फिल्म 'वक्त- द रेस अगेंस्ट टाइम' में पिछली सदी के महानायक अमिताभ बच्चन भी कैंसर के मरीज का किरदार निभा चुके हैं। अमिताभ बच्चन के किरदार का नाम इस फिल्म में ईश्वरचंद्र ठाकुर है जो अपने बेटे आदित्य को सबक सिखाने और जिम्मेदारियों को समझाने के लिए अपने घर से निकाल देता है। आदित्य बेफिक्री में जीने वाला लड़का है जो अपनी जिम्मेदारियों को बिल्कुल नहीं समझता। आदित्य के किरदार में यहां अक्षय कुमार हैं। विपुल ने इस फिल्म को एक गुजराती नाटक देखने के बाद बनाया था ल। उन्हें उस गुजराती नाटक में पिता और पुत्र का अनोखा रिश्ता बहुत पसंद आया।
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तुलसी- मातृदेवोभव - फोटो : फिल्म पोस्टर
तुलसी- मातृदेवोभव (2008)
मनीषा कोइराला, इरफान खान, सदाशिव अमरापुरकर, टीनू आनंद, कुलभूषण खरबंदा जैसे कलाकारों से सजी वर्ष 2008 की फिल्म 'तुलसी- मातृदेवोभव:' में मनीषा कोइराला ने कैंसर से जूझ रही महिला का किरदार निभाया है। मनीषा के किरदार का नाम तुलसी है। तुलसी की शादी हुई है सूरज (इरफान खान) नाम के एक शराबी से। इन दोनों के चार बच्चे हैं। जब एक लड़ाई में सूरज की मौत हो जाती है तो सारी जिम्मेदारी तुलसी पर आ जाती है। फिर तुलसी अपने मरने से पहले अपने चारों बच्चों को अच्छे परिवारों में गोद देने की कोशिश करती है। यह एक ड्रामा फिल्म हैं जिसका निर्देशन के अजय कुमार ने किया। बाद में यह फिल्म तेलुगू, कन्नड़ और मराठी भाषा में भी बनाई गई।

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आशाएं - फोटो : फिल्म पोस्टर
आशाएं (2010)
'इकबाल', 'डोर', 'रॉकफोर्ड' जैसी फिल्में बनाने वाले फिल्मकार नागेश कुकनूर ने वर्ष 2010 में एक फिल्म 'आशाएं' बनाई जिसमें मुख्य भूमिकाएं निभाईं जॉन अब्राहम, सोनल सहगल, प्रतिक्षा लंवकर, गिरीश कर्नाड, फरीदा जलाल और अनिता नायर ने। जॉन अब्राहम ने कैंसर के मरीज राहुल शर्मा का किरदार निभाया। राहुल एक जुआरी है जो दिल खोलकर जुआ खेलता है। जब वह काफी पैसे जीत जाता है तो वह अपनी प्रेमिका नफीसा से शादी करने की बात कहता है। नफीसा शादी के लिए राजी होती है लेकिन पता चलता है कि उसे कैंसर है। आगे की जिंदगी राहुल तब जीने की सोचता है जब वह अपने जैसे ही बहुत से लोगों से रिहैबिलिटेशन में जाकर मिलता है।

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ऐ दिल है मुश्किल - फोटो : फिल्म पोस्टर
ऐ दिल है मुश्किल (2016)
वर्ष 2016 में रिलीज हुई म्यूजिकल रोमांटिक ड्रामा फिल्म  में रणवीर कपूर और अनुष्का शर्मा मुख्य भूमिकाओं में हैं जबकि ऐश्वर्या राय और फवाद खान ने सहायक भूमिकाएं निभाईं। फिल्म में शाहरुख खान और लीजा हेडन ने स्पेशल अपीयरेंस भी किया। फिल्म में अनुष्का शर्मा का किरदार अलीजा खान चौथे स्तर के कैंसर से जूझ रहा है। हालांकि, अयान को यह बात थोड़ी देर से पता चलती है और वह अलीजा को खुश करने की कोशिश करता है। यह फिल्म के अंत की घटना है।

 

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कालाकांडी - फोटो : फिल्म पोस्टर
कालाकांडी (2017)
अक्षत वर्मा के लेखन और निर्देशन में बनी डार्क कॉमेडी फिल्म 'कालाकांडी' में सैफ अली खान, अक्षय ओबेरॉय, ईशा तलवार, सौभिता धुलिपाला, कुणाल रॉय कपूर,  दीपक डोबरियाल, विजय राज, आदि कलाकारों ने मुख्य भूमिकाएं निभाई हैं। सैफ अली खान के किरदार रिलीन को शुरुआत में ही पता चलता है कि उसे पेट का कैंसर है। इसके बाद वह ठान लेता है कि वह अपनी जिंदगी का बचा हुआ एक महीना दिल खोल कर जीएगा। वह ड्रग्स लेकर नशे में हो जाता है और उस एक दिन की घटनाओं में ही पूरी फिल्म निकल जाती है।
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दिल बेचारा - फोटो : फिल्म पोस्टर
दिल बेचारा (2020)
पिछले साल लॉकडाउन के दौरान सबसे ज्यादा चर्चा में रहने वाली फिल्म 'दिल बेचारा' रही। इस फिल्म में दिवंगत अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत अंतिम बार नजर आए। उनके साथ मुख्य भूमिका निभाई अभिनेत्री संजना सांघी ने। इस फिल्म में दोनों मुख्य कलाकारों को कैंसर होता है। हालांकि, ये दोनों अपनी जिंदगी को हंसते खेलते हुए गुजारने की कोशिश करते हैं लेकिन अंत तो वैसा ही होता है जैसा उस लाइलाज बीमारी से होना होता है। फिल्म ओटीटी सीधे ओटीटी पर रिलीज होने वाली फिल्मों में शामिल रही।
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