मीना कुमारी
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जब मन के दर्द ने शरीर की बीमारी का रूप ले लिया तो मीना कुमारी का अंत नजदीक आ गया। 31 मार्च 1972 को मीना कुमारी कोमा में जाने के दो दिन बाद हमेशा हमेशा के लिए इस दुनिया से चलीं गईं। उन दिनों नरगिस दत्त और मीना की दोस्ती बहुत अच्छी हुआ करती थी। कहा जाता है कि जब नरगिस मीना कुमारी के अंतिम संस्कार में पहुंची थी तो उनक मुंह से निकला था, 'मीना कुमारी, मौत मुबारक हो'।