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Dahaad: इस साइको किलर की कहानी पर बनी वेब सीरीज ‘दहाड़’, यहां पढ़िए खूंखार कातिल की पूरी क्राइम कुंडली

Fri, 12 May 2023 06:30 PM IST
साक्षी पांडेय अमर उजाला ब्यूरो, मुंबई
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सायनाइड मोहन और विजय वर्मा - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो , मुंबई

प्राइम वीडियो की वेब सीरीज 'दहाड़' में अभिनेत्री सोनाक्षी सिन्हा एक दारोगा बनी हैं। केस है उनके पास एक लापता लड़की के मामले की जांच का। कहानी में आगे पता चलता है कि आसपास के तमाम जिलों की दर्जनों लड़कियां लापता हैं। सीरीज में विजय वर्मा विलेन के किरदार में नजर आते हैं। लेकिन क्या आपको पता है कि इस सीरीज की कहानी एक असल घटना पर आधरित है? और, विजय वर्मा जिस अपराधी का किरदार कर रहे हैं वह भी एक स्कूल में टीजर ही था। चलिए हम आपको बताते हैं कि इस खूंखार कातिल के बारे में..

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दहाड़ - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो , मुंबई

झांसा देकर फंसाने वाला मोहन कुमार
मोहन कुमार एक 57 वर्षीय हिंदी विषय का अध्यापक था जो कर्नाटक के मैंगलोर में रहता था। ज्यादातर वहीं आस पास की लड़कियों को वह टारगेट करता था। मोहन 25 से 30 वर्ष की महिलाओं को अपने प्यार के जाल में फंसा कर उनसे दोस्ती करता था। मोहन उन महिलाओं से प्यार का नाटक करता और कहता था कि वह उनसे शादी करेगा। यही झांसा देकर मोहन उन्हें एक लॉज में ले जाता था और उनके साथ शारीरिक संबंध बनाता था जिसके बाद मोहन उन्हें गर्भनिरोधक गोलियों के नाम पर सायनाइड दे देता था।

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दहाड़ - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो , मुंबई
इसलिए पड़ा नाम सायनाइड मोहन
सायनाइड एक ऐसा रासायनिक पदार्थ है जिसको सोने की सफाई के लिए इस्तेमाल किया जाता है। और अगर कोई इंसान इसे खा ले तो वह पलक झपकते ही तड़प तड़प कर मर जाता है। यही कारण था कि मोहन उन सारी महिलाओं को सायनाइड देता था। जब महिला मर जाती थी तो वह उसके सारे पैसे और जेवर लेकर फरार हो जाता था। इसी तरह मोहन ने 20 महिलाओं को अपने प्यार के जाल में फंसा उनकी जान ली।

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सायनाइड मोहन - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो , मुंबई

कब आई मोहन की शामत 
साल 2009 में कर्नाटक के एक छोटे बारीमार से गांव  की लड़की अनीता के गायब होने की खबर आई।  जिसके बाद गांव भर में यह अफवाह उड़ी की अनीता किसी मुसलमान लड़के के साथ भाग गई है। गांव वाले इस घटना को सांप्रदायिक रंग देने लगे। स्थानीय पुलिस पर दबाव बड़ा और केस की गहराई से जांच के आदेश मिले। अनीता का शव गांव से बहुत दूर एक बस स्टेंड के शौचालय में मिला। अनीता का शव जिस हाल में मिला उसे देखते हुऐ पुलिस को एक इस केस की तहकीकात के लिए एक टीम बनानी पड़ी।

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सायनाइड मोहन - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो , मुंबई

चालाकी से देता था जुर्मों को अंजाम 
अनीता के शव के साथ एक पुलिस को एक फोन मिला। पुलिस ने अनीता के फोन की कॉल डिटेल्स खंगाली तो पता चला की अनीता की सबसे ज्यादा बात कावेरी नाम की एक महिला के साथ हुई है। कावेरी के घर जाकर पता चला कि वह भी कई दिनों से गायब है जिसके बाद कावेरी के फोन से विनुथा का नंबर मिल और पता चला कि वह भी लापता है। ऐसे करते हुए कई एक ही तरह के केस मिले। यह सभी केस एक से थे और आपस में जुड़े हुए थे। इन फोन नंबरो पर फोन करते करते ही पुलिस मोहन तक पहुंच गई।

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सायनाइड मोहन - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो , मुंबई

मोहन ने कुबूल किया अपना जुर्म 
पुलिस को पहले आशंका था कि मोहन कई सेक्स रैकेट चला रहा होगा। लेकिन जब मोहन ने वारदात की सच्चाई बताई तो सभी के होश उड़ गए। मोहन ने बताया कि साल 2003 से लेकर 2009 तक उसने कर्नाटक और कर्नाटक के बाहर अलग अलग बस स्टैंड पर 20 औरतों को मौत के घाट उतार दिया। मोहन के मुताबिक वह लड़कियों के हिसाब से अपनी पहचान बदल लेता था।

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सायनाइड मोहन - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो , मुंबई

क़ानून के शिकंजे में मोहन
साल 2013 में मैंगलोर फास्ट ट्रैक कोर्ट ने मोहन को सभी अपराधों के तहत दोषी माना और फांसी की सजा सुनाई। 2017 में मोहन को पांच और हत्याओं के लिए दोषी करार दिया गया।

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