गुरु दत्त
10 अक्टूबर 1964 की दोपहर गुरु दत्त के दोस्त अबरार के पास फोन आया कि गुरु दत्त की तबियत खराब है। जब वो उनके घर पहुंचे तो उन्होंने देखा कि गुरु दत्त कुर्ता-पाजामा पहने पलंग पर लेटे हुए थे। पलंग की बगल की मेज पर एक गिलास रखा हुआ था जिसमें एक गुलाबी तरल पदार्थ थोड़ा बचा हुआ था। अबरार के मुंह से निकला, गुरु दत्त ने अपने आप को मार डाला है। लोगों ने पूछा आप को कैसे पता? अबरार को पता था, क्योंकि वो और गुरु दत्त अक्सर मरने के तरीकों के बारे में बातें किया करते थे। गुरु दत्त की मौत की वजह कभी साफ नहीं हो पाई।