विवेक अग्निहोत्री
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निर्देशक कहते हैं, "बहिष्कार करना एक व्यक्तिगत अधिकार है। हम नारीवादी, आदिवासी, पशु अधिकारों की बात करते हैं। इसलिए, मुझे लगता है कि किसी भी चीज का बहिष्कार करना एक व्यक्तिगत अधिकार है। लेकिन सोचने वाली बात यह है कि यूं अचानक बहिष्कार की स्थिति आई क्यों? अगर कोई टूथपेस्ट बेचने वाली कंपनी, अपने ही ग्राहकों का मजाक उड़ाने लगे, और बोले कि जो कोई भी इस टूथपेस्ट का उपयोग कर रहा है वह सब इडियट्स हैं। तो आप कितने दिनों तक उस टूथपेस्ट का इस्तेमाल करेंगे? मुझे लगता है कि यह आत्मनिरीक्षण की बात है। इस बात पर विचार करना चाहिए कि आज यह स्थिति क्यों आई है।"