विवेक अग्निहोत्री
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विवेक अग्निहोत्री ने आगे लिखा, ऐसा नहीं है कि फिल्ममेकर्स का सम्मान इन पुरस्कारों से तय होता है, लेकिन यह अपमानजनक प्रक्रिया बंद होनी चाहिए। इसके आगे उन्होंने दुष्यंत कुमार की कुछ पंक्तियां लिखीं कि, सिर्फ हंगामा खड़ा करना मेरा मकसद नहीं...मेरी कोशिश है ये सूरत बदलनी चाहिए...मेरे सीने में नहीं तो तेरे सीने में सही...हो कहीं भी आग, लेकिन आग जलनी चाहिए।