विक्रांत रोणा
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फिल्म की पटकथा में काफी झोल
फिल्म ‘विक्रांत रोणा’ अपनी पटकथा से तो मात खाती ही है, फिल्म के हीरो सुदीप का अभिनय भी इसमें खास मदद नहीं करता। वह चुलबुल पांडे की तरह ही पूरी फिल्म में बात करते हैं। फिल्म का आधार जाति संघर्ष है। सवर्णों और दलितों के बीच के छुआछूत को लेकर उपजे इस संघर्ष के नतीजे में ही फिल्म का असली रहस्य छुपा है। कहानी 28 साल की यात्रा तय करती है और जिस एक बिंदु पर इस कहानी के खलनायक का बदला छुपा है, उसका संबंध हीरो की बच्ची के साथ स्थापित करने में नाकाम रहती है। इस बच्ची को लेकर भी फिल्म के क्लाइमेक्स में जो खुलासा होता है, वह दर्शकों के फिल्म की कहानी में समय निवेश का रिटर्न जीरो कर देता है।