एक दिन वह अपने दोस्त की शादी में गए हुए थे। वहां वह हंसी मजाक कर रहे थे, तभी प्रोड्यूसर दलसुख पंचोली की नजर उन पर पड़ गई। शादी के बाद ओम प्रकाश घर चले गए, लेकिन कुछ दिन बाद उनके पास एक टेलिग्राम पहुंचा। जिसपर लिखा था- तुरंत आओ- पंचोली। उस वक्त तो ओम प्रकाश ने इसे मजाक समझा लेकिन दोस्तों और भाई के समझाने पर मिलने चले गए। ओम प्रकाश को 1944 में पहली फिल्म मिली दासी, जिसमें उनका रोल एक कॉमिक विलेन का था। फिल्म सुपरहिट हुई, लेकिन इसके बाद उन्हें लंबे समय तक काम नहीं मिला।