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ग्राउंड रिपोर्ट: टीवी कलाकारों ने सुनाई मन की बात, मुंबई में आगे कुआं तो पीछे खाई जैसे हालात

Wed, 15 Jul 2020 12:41 PM IST
अपूर्वा राय अमर उजाला ब्यूरो, मुंबई
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टीवी कलाकार - फोटो : ट्विटर
मुंबई में टीवी धारावाहिकों की शूटिंग तो शुरू हो गई है लेकिन टीवी धारावाहिक निर्माताओं का ये फैसला शूटिंग में हिस्सा ले रहे कलाकारों के मानसिक स्वास्थ्य के लिए भारी पड़ रहा है। शूटिंग शुरू होने के तीन हफ्तों में अब तक सात धारावाहिकों की शूटिंग में व्यवधान आ चुका है। अमर उजाला ने इस नाजुक स्थिति को गहराई से समझने के लिए कुछ टीवी कलाकारों से बात की और पाया कि इन कलाकारों के लिए काम न करने पर भुखमरी का सामना करने और काम के दौरान कोरोना से संक्रमित होने का खतरा लगातार बना हुआ है। 
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मदिराक्षी मुंडल - फोटो : social media
धारावाहिक 'जग जननी मां वैष्णो देवी' में लक्ष्मी का किरदार निभा रहीं अभिनेत्री मदिराक्षी मुंडल कहती हैं कि घर में बैठे-बैठे तीन महीने से ज्यादा बीत चुके हैं इसलिए बाहर निकल कर काम तो करना ही होगा। उन्होंने कहा, 'जब पार्थ (समथान) के बारे में सुना तो बहुत बुरा भी लगा और थोड़ा डर भी पैदा हुआ लेकिन सेट पर सभी सावधानियां बरती जा रही हैं। मैं तो जब तक बहुत ज्यादा ना हो तब तक अपने पास किसी को आने भी नहीं देती। यहां तक कि मैं अपने ड्राइवर को भी त्याग कर एकदम आत्मनिर्भर बन गई हूं। घर में बूढ़े मां बाप भी हैं। हम पूरी सावधानी से काम कर रहे हैं लेकिन फिर भी कुछ हो जाए तो कर ही क्या सकते हैं।'
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मेरे साईं - फोटो : Amar Ujala, Mumbai
वहीं, 'मेरे साईं' शो में काम कर रही अभिनेत्री नीलम सिंह बताती हैं कि उन जैसे लोगों के लिए तो करो या मरो जैसी स्थिति हो गई है। वह कहती हैं, 'काम की तो इतनी जरूरत थी कि लॉकडाउन के दौरान पूरी जमा पूंजी खर्च हो चुकी है। अगर काम नहीं करते तो घर में रहकर भूखों मर जाते। हमारे दिल में भी कोरोना का डर तो रहता ही है लेकिन घर में रहे तो भूखे मरेंगे और बाहर रहेंगे तो कोरोना है मारने के लिए।'

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मेरे साईं - फोटो : Amar Ujala, Mumbai
कलाकारों की यूनियन की तरफ से मिलने वाली मदद पर नीलम ने कहा, 'सिनटा (सिने एंड टीवी आर्टिस्ट्स एसोसिएशन) ने भी कितनी मदद की है? मई के महीने में चार हजार रुपये भेजे और उसी महीने सलमान खान ने भी तीन हजार रुपये दिए। उसके अगले महीने में अमिताभ बच्चन के यहां से पंद्रह सौ का राशन का कूपन मिला। और फिर अभी पिछले महीने में ही अक्षय कुमार की तरफ से तीन हजार रुपये आए हैं। क्या इतने रुपये में खर्चा चल सकता है? और अगर मैं खर्चा पेट काटकर चला भी लूं तो खाने के अलावा मुझे अपने घर का भाड़ा भी तो देना है। इसलिए काम की तो बहुत जरूरत थी। बेशक डर में ही सही लेकिन काम तो करना ही है।'
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सारिका बहरोलिया - फोटो : ट्विटर
इसके अलावा धारावाहिक 'गुड़िया हमारी सभी पे भारी' की मुख्य अभिनेत्री सारिका बहरोलिया कहती हैं कि सेट पर डर का माहौल तो रहता ही है लेकिन उसी माहौल में काम भी करना है। उन्होंने कहा, 'जब किसी कलाकार के बारे में इस बीमारी से पीड़ित होने की खबर सुनते हैं तो घबराहट पैदा होती है। मुझे लगता है कि जब इतने दिन घर बैठे हो गए थे तो कुछ और दिन भी घर रहकर गुजारे जा सकते थे। अगर माहौल इतना खराब था तो फिलहाल के लिए शूटिंग शुरू करना सही नहीं था। हालांकि, सारी सावधानियां बरती जा रही हैं। लेकिन, डर तो लगा ही रहता है।'
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मल्लिका सिंह - फोटो : सोशल मीडिया
धारावाहिक 'राधाकृष्ण' में राधा का किरदार निभा रही अभिनेत्री मल्लिका सिंह का भी कहना है कि जब वह किसी कलाकार को कोरोना पॉजिटिव होने की खबरें सुनती हैं तो अचानक से घबराहट पैदा हो जाती है। वह कहती हैं, 'जो काम वह कर रहे हैं, वही काम हम भी कर रहे हैं। हमारे सेट पर स्वास्थ्य सुरक्षा संबंधी सारी सावधानियां बरती जा रही हैं और हमारा सेट ग्रीन जोन में भी है। लेकिन, फिर भी जब किसी कलाकार के बारे में ऐसी खबर पता चलती है तो अचानक से डर लगने लगता है। भगवान करे सब जल्द ही ठीक हो जाए।'
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अमित बहल - फोटो : सोशल मीडिया
इस बारे में अमर उजाला ने सिनटा के सचिव अमित बहल से भी बात की। उनका कहना है कि शूटिंग शुरू करने से पहले किसी ने सिनटा से थोड़े ही पूछा था। उन्होंने कहा, 'शूटिंग शुरू करने की जिम्मेदारी ब्रॉडकास्टर ने और निर्माताओं ने ली थी। इसमें उनका साथ दिया था आईएफटीपीसी (इंडियन फिल्म एंड टेलीविजन प्रोड्यूसर्स काउंसिल) ने। हालांकि, शूटिंग शुरू करना भी जरूरी ही था क्योंकि धीरे-धीरे देश की इकोनॉमी भी बहुत नीचे जा चुकी है। हॉलीवुड के बाद भारतीय सिनेमा ही मनोरंजन का सबसे बड़ा कारोबार चलाता है। हमने बात की है तो पता चला है कि सभी जगहों पर अच्छे से सावधानियां बरती जा रही हैं। लेकिन, अब एक-दो केस तो इतनी महामारी के बीच आएंगे ही।'

अमित ने अपनी बात जारी रखते हुए कहा, 'जब सिनटा, फेडरेशन (फेडरेशन ऑफ वेस्टर्न इंडिया सिने एम्पलाइज), ब्रॉडकास्टर्स और निर्माताओं की मीटिंग हुई थी तब हमने सिर्फ इतना कहा था कि जुलाई के पहले हफ्ते से शूटिंग शुरू कर लेते हैं। हालांकि, यह बात किसी ने नहीं मानी और उन्होंने कहा कि एक महीने में ही क्या दुनिया बदल जाएगी? हमने कहा कि यह भी सही है। इसलिए चारों लोगों की सहमति से ही शूटिंग की शुरुआत हुई है। इसमें हम किसी को दोष नहीं दे सकते।’
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