मिथुन चक्रवर्ती
- फोटो : फाइल
एक साल में 12 फिल्में
लॉकडाउन के इस दौर में यह फिल्म रासायनिक आक्रमणों से होने वाली क्षति और उनसे बचाव के रास्ते बताने के साथ उनसे लड़ने की हिम्मत भी देने का काम करती है। यह फिल्म जिस साल रिलीज हुई उसी वर्ष मिथुन चक्रवर्ती की 12 फिल्में सिनेमाघरों में आईं। समीरा, घमंडी, मैं और मेरा हाथी, कलंकिनी कनकावती, आंखों के सामने, जीने की आरजू, हमसे बढ़कर कौन, धुआं, लापरवाह, वारदात, साहस और बेशक की इस लिस्ट में तीन फिल्मों लापरवाह, वारदात और साहस को रविकांत नागाइच ने ही निर्देशित किया। ये वो दौर था जब कलाकार दोनों हाथों से फिल्में बटोरते थे और एक एक हीरो एक बार में 20-25 फिल्में साइन कर लेता था। इसी के चलते आगे चलकर फिल्मों की भी सीलिंग लगानी पड़ी और निर्माताओं की संस्थाओं को नियम बनाने पड़े कि कोई हीरो एक बार में 11 फिल्मों से ज्यादा फिल्में नहीं करेगा।