32 साल पहले कश्मीरी पंडितों द्वारा कश्मीर विद्रोह के दौरान सहे गए क्रूर कष्टों की सच्ची कहानी है, द कश्मीर फाइल्स। नरसंहार के पीड़ितों के दर्द, पीड़ा, संघर्ष और आघात का दिल दहला देने वाला आख्यान है, द कश्मीर फाइल्स। कभी न बताया गया सच है, द कश्मीर फाइल्स।
ऐसे में जब इस फिल्म को इस्लामोफोबिक नाम दिया जाए, तब गुस्सा आना तो लाजमी है। यही कारण है कि विवेक अग्निहोत्री ने इसपर खुलकर बात करने का फैसला किया। गुरुवार को दिल्ली में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान निर्देशक ने कहा, “चिंता वास्तव में आतंकवाद है। फिल्म में मुस्लिम शब्द का इस्तेमाल नहीं किया गया है। फिल्म में पाकिस्तान या पाकिस्तानी शब्द का भी इस्तेमाल नहीं किया गया है। फिल्म में केवल आतंकवाद के खिलाफ बात की गई है। ऐसे में इसे टेररफोबिक क्यों नहीं कहा गया?