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Tanisha Interview: गांधी गोडसे एक युद्ध में दिखेगी यह नई हीरोइन, असलियत जानकर हैरान रह जाएंगे आप

Wed, 18 Jan 2023 08:29 AM IST
निधि पाल अमर उजाला ब्यूरो, मुंबई
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तनिषा संतोषी, गांधी गोडसे एक युद्ध - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, मुंबई
जाने माने निर्माता, निर्देशक राजकुमार संतोषी अरसे बाद फिल्म 'गांधी गोडसे एक युद्ध' के जरिये बड़े परदे पर वापसी कर रहे हैं। फिल्म का विषय अभी से विवादों में हैं और महात्मा गांधी के पड़पोते तुषार गांधी ने भी इस फिल्म में गोडसे की विचारधारा के प्रचार पर टिप्पणी की है। फिल्म में महात्मा गांधी के तमाम ऐसे पहलुओं को भी समेटा गया है जिन पर फिल्म की रिलीज के बाद चर्चाएं तेज हो सकती हैं। फिल्म में ऐसा ही एक किरदार है सुषमा का, जिसे निभा रही हैं तनिषा संतोषी। उनसे ‘अमर उजाला’ की एक खास मुलाकात...
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गांधी गोडसे एक युद्ध - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, मुंबई
फिल्म 'गांधी गोडसे एक युद्ध' में जो किरदार आप कर रही हैं, उसमें खास क्या है?

किरदार से ज्यादा मुझे इस फिल्म के सीन ने प्रेरित किया। ये ऐसा दृश्य है जिस पर अभिनय करने का मौका जल्दी किसी कलाकार को नहीं मिलता है। यह सीन मुझे इतना अच्छा लगा कि मैंने सोचा कि यह किरदार मुझे करना ही है। जिस नाटक पर यह फिल्म बनी है वह नाटक भी मैंने पढ़ा था। लेकिन मुझे यह नहीं पता था कि फिल्म में एक लड़की का भी महत्वपूर्ण भाग है। जब पूरी स्क्रिप्ट तैयार हो गई तब मैंने उस किरदार के बारे में जाना। 

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गांधी गोडसे एक युद्ध - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, मुंबई

तो क्या है वह किरदार और शूटिंग के पहले दिन का क्या सीन था?

फिल्म 'गांधी गोडसे एक युद्ध' में मैं सुषमा का किरदार निभा रही हूं। सुषमा के पिता की आखिरी ख्वाहिश थी कि वह गांधीजी के साथ काम करें। फिल्म में कुछ ऐसा होता है कि सुषमा के वजह से गांधीजी के अंदर एक बदलाव आता है। इस तरह से गांधी जी का इस फिल्म में एक दूसरा पहलू भी दिखाया गया है। शूटिंग के पहले दिन का सीन कुछ ऐसा था कि गांधी जी के पास यह बोलने जा रही हूं कि  आपके साथ मुझे देश की सेवा करनी है। अपने साथ मुझे रख लीजिए।

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तनिषा संतोषी - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, मुंबई

पहले दिन शूटिंग को लेकर आप कितनी उत्साहित या कितनी नर्वस थीं?

मैं बहुत ही नर्वस थी, शूटिंग से पहली रात बिलकुल भी सो नहीं पाई थी। मैं अपने निजी जिंदगी में बहुत शर्मीली हूं। हालांकि कैमरे के सामने मुझे खुद पर भरोसा आ जाता है। शूटिंग के बाद मैंने मम्मी को बोला भी था कि यह मेरे जीवन का सबसे सुखद पल रहा है, इतनी खुशी मुझे जिंदगी में कभी नहीं मिली थी।

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तनिषा संतोषी - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, मुंबई
मम्मी के बाद आते हैं पापा पर। आपके पिता राजकुमार संतोषी ही इस फिल्म के निर्देशक हैं। उनके साथ फिल्मों की शूटिंग पर जाना कब शुरू किया?

फिल्म 'लज्जा' में माधुरी जी और रेखा जी की एक्टिंग देखना मुझे याद है। तब मैं बहुत छोटी थी, बस उनको काम करते देखती रहती थी। एक्टिंग की उतनी समझ नहीं थी लेकिन उनको काम करते देखकर अच्छा लगता था। जब पापा 'अजब प्रेम की गजब कहानी' की शूटिंग कर रहे थे तो मैने रणबीर कपूर को एक्टिंग करते देखा और उनसे बहुत कुछ सीखा। वह खुद को निर्देशक के हवाले कर देते हैं। कैटरीना कैफ से भी बहुत कुछ सीखा। वह बहुत ही मेहनती हैं।
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तनिषा संतोषी - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, मुंबई

और, क्या वह फिल्म याद है जिसकी शूटिंग पर आप पहली बार गईं?

मम्मी बताती हैं कि जब मैं तीन चार महीने की थी तब वह मुझे 'पुकार' की शूटिंग पर कश्मीर लेकर गई थीं। 'हल्ला बोल' और 'खाकी' की शूटिंग पर जाना भी मुझे याद है। मैं घूम घूम कर शूटिंग ही देखती थी। 'फटा पोस्टर निकला हीरो' के समय तो हर वक्त शूटिंग पर ही होती थी और शाहिद कपूर मुझसे बोलते था कि एक जगह आराम से बैठ जाओ क्या इधर उधर भागती रहती हो। लेकिन, मेरे पैर एक जगह टिकते ही कहां थे। मुझे सेट पर रहना बहुत अच्छा लगता था। मैंने तमाम चीजें ये सब देखकर ही सीखी हैं।

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गांधी गोडसे एक युद्ध - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, मुंबई

तनिषा, ये बताइए कि जब आपको हीरोइन ही बनना था तो फिर लंदन से निर्देशन का कोर्स क्यों किया?

मैं बचपन से ही अभिनेत्री बनना चाहती थी। लेकिन, मैं अपने मम्मी पापा को यह बताने से डरती थी कि मुझे एक्टिंग करनी है। पापा हमेशा से यही कहते रहते कि तुम्हें निर्देशक बनना है। मैंने पटकथा लेखन और निर्देशन का कोर्स लंदन यूनिवर्सिटी ऑफ आर्ट से किया है। लेकिन, रंगमंच पर मैं बचपन से ही सक्रिय रही हूं। फाइनली अब जाकर हिम्मत आई तो पापा से बोला। उनको मैं अपनी एक्टिंग के खूब वीडियो भेजती रहती थी पर उन्होंने कभी इस पर तवज्जो दी नहीं। अब सुषमा के किरदार को लेकर पापा को शायद लगा कि ये किरदार मेरे लिए ठीक है।

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