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एमजे अकबर मानहानि केस में कोर्ट से बरी हुईं प्रिया रमानी, तापसी पन्नू-ऋचा चड्ढा समेत कई बॉलीवुड हस्तियों ने दिया रिएक्शन

Thu, 18 Feb 2021 12:47 AM IST
स्वाति सिंह एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला
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कई हस्तियों ने प्रिया रमानी के बरी होने की सराहना की - फोटो : सोशल मीडिया
अभिनेत्री तापसी पन्नी, ऋचा चड्ढा और फिल्मकार ओनीर समेत प्रतिष्ठित बॉलीवुड हस्तियों ने बुधवार को यौन उत्पीड़न के आरोपों को लेकर एमजे अकबर द्वारा दायर आपराधिक मानहानि के मुकदमे में पत्रकार प्रिया रमानी के बरी होने की सराहना की। अतिरिक्त मुख्य मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट रविंदर कुमार पांडे ने अकबर की ओर से दायर शिकायत को खारिज कर दिया और कहा कि रमानी के खिलाफ आरोप साबित नहीं होते हैं।
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तापसी पन्नी - फोटो : Instagram
हस्तियों ने फैसले को महिलाओं और कार्य स्थल पर यौन उत्पीड़न के खिलाफ ऐतिहासिक पल बताया। ट्विटर पर तापसी पन्नी ने कहा कि फैसले ने ऐसे समय में न्याय में उनका विश्वास पैदा किया है जब दुनिया धूमिल दिख रही है। तापसी ने कहा, " चारों ओर गलत और अनुचित घटनाओं के बीच, यह आशा की किरण लेकर आया है कि कहीं न कहीं हमारी आशा सच्चाई में जीवित हैं। सत्य और न्याय जिंदाबाद।"
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स्वारा भास्कर - फोटो : सोशल मीडिया
अभिनेत्री स्वारा भास्कर ने ट्वीट किया, " लड़कियों आगे बढ़ो।" उन्होंने साथ में हैशटैग प्रिया रमानी और हैशटैग रेबेका जोन भी ट्वीट किया। अकबर का प्रत्यक्ष तौर पर हवाला देते हुए चड्ढा ने फैसले की सराहना की। उन्होंने लिखा '' उम्मीद है मिस्टर बर्न्स अपने शेष अपमानित दिनों को अपने रेडियोधर्मी ठिकाने पर बितायेंगे।'' मिस्ट्र बर्न्स एक एनीमेटेड सीरीज द सिंपसन का खलनायक है।

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हंसल मेहता-ओनीर - फोटो : सोशल मीडिया
निदेशक हंसल मेहता ने कहा, " मुझे चारों ओर उल्लास देखकर लगा कि उन्हें यौन उत्पीड़न के लिए दोषी ठहराया गया था, बल्कि पीड़िता को कथित मानहानि के लिए बरी किया गया है। हमारी कितनी कम अपेक्षाएं हैं।" रमानी ने 2018 के मीटू अभियान के मद्देनजर अकबर पर यौन कदाचार के आरोप लगाए थे। ओनीर ने दिल्ली की अदालत के निर्णय को ऐसा फैसला बताया है जो मील का पत्थर साबित होगा। उन्होंने ट्वीट किया, " यह शानदार है। यौन उत्पीड़न के मामले पर यह मील का पत्थर फैसला है। महत्वपूर्ण यह है कि अदालत ने कहा कि यह (यौन उत्पीड़न के बारे में कहना) समयबद्ध नहीं है।"
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अपूर्व असरानी-चिन्मयी श्रीपदा - फोटो : सोशल मीडिया
पटकथा लेखक और संपादक अपूर्वा असरानी ने कहा कि रमानी का बरी होना उन महिलाओं के लिए एक "राहत" है, जिन्होंने उनका उत्पीड़न करने वालों के बारे में बात करने हिम्मत की और कहा कि अभी यह पूरी जीत नहीं है। उन्होंने कहा, " एमजे अकबर को उस उत्पीड़न के लिए जवाबदेह ठहराना चाहिए जो उन्होंने सहन किया है। हैशटैग मीटू।, "अभिनेत्री चिन्मयी श्रीपदा ने कहा, " हमारे उत्पीड़न की पहचान करना और उन्हें उजागर करना हमारा अधिकार है। जब खुद में ताकत हो तो मामला दायर करें और ऐसा करने के लिए समर्थन दें।
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पूर्व केंद्रीय मंत्री एमजे अकबर तथा प्रिया रमानी - फोटो : फाइल
बता दें कि दिल्ली की एक अदालत ने पत्रकार प्रिया रमानी के खिलाफ पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं संपादक एम. जे. अकबर के आपराधिक मानहानि मुकदमे को बुधवार को खारिज करते हुए कहा कि जीवन और गरिमा के अधिकार की कीमत पर प्रतिष्ठा के अधिकार का संरक्षण नहीं किया जा सकता। गौरतलब है कि रमानी ने अकबर के खिलाफ यौन उत्पीड़न के आरोप लगाए थे। अकबर ने उन आरोपों को लेकर रमानी के खिलाफ 15 अक्टूबर 2018 को यह शिकायत (आपराधिक मानहानि की) दायर की थी। अदालत ने मानहानि मामले में यह ऐतिहासिक फैसला सुनाते हुए कहा कि एक महिला को दशकों बाद भी अपनी पंसद के किसी भी मंच पर अपनी शिकायत रखने का अधिकार है।
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