सिनेमा में हलचल मचाने वाली अभिनेत्री तापसी पन्नू ने एक और बड़ा कदम पर्यावरण संरक्षण के लिए उठाया है। वह पहली भारतीय अभिनेत्री बनी हैं जिन्होंने कचरे से बने कपड़े फिल्मों की शूटिंग में पहनने की पहल की है। ये शुरूआत तापसी अपनी तेजी से बन रही तेलुगु फिल्म ‘मिशन इम्पॉसिबल’ (Mishan Impossible) से करने जा रही हैं। तापसी ये भी चाहती हैं कि सिनेमा में वेतन असमानता जितनी जल्दी हो सके दूर हो। उनका कहना है कि वर्तमान समय सिनेमा में अभिनेत्रियों के लिए सबसे बढ़िया समय है और वह सौभाग्याशाली हैं कि उन्हें इस दौर में अभिनय करने का मौका मिल रहा है। तापसी पन्नू की आने वाली हिंदी फिल्मों में ‘लूप लपेटा’, ‘रश्मि रॉकेट’ और ‘दोबारा’ शामिल हैं। उनकी पिछली फिल्म ‘हसीन दिलरुबा’ सीधे ओटीटी पर रिलीज हुई। उनकी एक और फिल्म ‘शाबास मिठू’ को लेकर भी दर्शकों में काफी उत्सुकता रही है।
तापसी पन्नू को हिंदी सिनेमा में बदलाव के उस सिनेमा का अनुयायी माना जाता है जिसकी शुरूआत बीते दशक में विद्या बालन की फिल्म ‘द डर्टी पिक्चर’ से मानी जा सकती हैं। इस फिल्म से विद्या बालन ने हिंदी सिनेमा में अभिनेत्रियों की खूबसूरती की परिभाषा बदली है और ये स्थापित किया है कि परदे पर नायिका का जीरो फिगर या हमेशा छरहरे बदन में ही दिखना जरूरी नहीं। आम जीवन की महिलाओं जैसे दिखने वाले महिला किरदार ही इन दिनों तापसी पन्नू भी कर रही हैं, उनकी तेलुगू फिल्म ‘मिशन इम्पॉसिबल’ (Mishan Impossible) भी इसी की अगली कड़ी है।