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दूसरों को लड़ने की सीख देने वाले सुशांत सिंह राजपूत खुद ही डिप्रेशन से हार गए

Sun, 14 Jun 2020 05:53 PM IST
प्रतीक्षा राणावत मुंबई ब्यूरो, अमर उजाला
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सुशांत सिंह राजपूत - फोटो : Social Media
बोले थे, 'आत्महत्या किसी भी परेशानी का हल नहीं है। हमें लड़ना चाहिए'

एक बच्चा परीक्षा में फेल हो जाने की वजह से डिप्रेशन में आकर आत्महत्या करने की कोशिश करता है। क्योंकि, बच्चे के माता पिता को अपने बेटे से बहुत उम्मीदें थीं और बेटा उनकी उम्मीदों पर खरा नहीं उतर पाया था। यह सीन है दिवंगत अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत की सिनेमाघरों में रिलीज हुई पिछली फिल्म 'छिछोरे' का। इस फिल्म में सुशांत ने किरदार निभाया है उस पिता का जिसका बेटा अवसाद में आकर आत्महत्या करने की कोशिश करता है। फिर वह पिता अपने बेटे की आंखें खोलने के लिए अपनी डिप्रेशन भरी जिंदगी की कहानी सुनाता है। 
 
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Sushant Singh Rajput
क्या कभी कोई सोच भी सकता है कि जिस 'पिता' ने अपने बेटे को अवसाद से निपटने की इतनी अच्छी शिक्षा दी हो, उसे निभाने वाला कलाकार एक दिन खुद अवसाद में आकर आत्महत्या कर ले। जिस सुशांत सिंह राजपूत के दोस्त सुशांत को हमेशा हंसमुख रहने वाला बंदा बताते हों, जो भी उनसे मिला उसने सुशांत को हमेशा मुस्कुराते हुए ही देखा हो तो उनके लिए यह खबर चौंकाने वाली तो होगी ही कि सुशांत सिंह राजपूत ने डिप्रेशन में आकर आत्महत्या कर ली।
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सुशांत सिंह राजपूत - फोटो : सोशल मीडिया
सुशांत की आत्महत्या की खबर जिन लोगों ने भी सुनी, उनकी प्रतिक्रिया यही थी, 'ये आप क्या कह रहे हैं! ऐसा नहीं हो सकता'। लेकिन बाद में हकीकत का सामना तो करना ही है। सुशांत के दोस्त और उनके साथ काम कर चुके लोग यही बताते हैं कि सुशांत बहुत ही मिलनसार बंदे थे। लोगों को दोस्त बना लेना तो उनकी सिर्फ एक मुस्कान भर का ही काम था। ऐसा आदमी छह महीने तक डिप्रेशन में आकर अंदर ही अंदर घुटता रहा और किसी को भनक तक नहीं लगने दी। इस बात पर भी विश्वास करना उनके दोस्तों को गंवारा नहीं है। 

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सुशांत सिंह राजपूत - फोटो : सोशल मीडिया
जब एक छोटे शहर का लड़का या लड़की मुंबई आकर मनोरंजन की इस दुनिया में अपना नाम कमाने के लिए दिन रात एक करके मेहनत करते हैं तब वह भूल जाते हैं कि इस दुनिया में लड़ाई सिर्फ आर-पार की ही होती है। एक कलाकार की अगर मामूली भी पहचान बन जाती है तो उसे खुद को संवारने के लिए इतने प्रयास करने पड़ते हैं कि अगर उसे लगातार काम न मिले तो वह डिप्रेशन का शिकार होने लगता है। और बाद में नतीजा वही होता है जो सुशांत ने किया। 
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सुशांत सिंह राजपूत - फोटो : सोशल मीडिया
हालांकि, सुशांत का करियर तो ठीक ही चल रहा था। पिछले साल भी वह सोनचिड़िया, छिछोरे और ड्राइव जैसी फिल्मों में मुख्य भूमिका में नजर आ चुके थे। कल ही उनकी मुकेश छाबड़ा के निर्देशन में बनी 'दिल बेचारा' के ओटीटी पर रिलीज होने की खबर आई। नितेश तिवारी के निर्देशन में बनी फिल्म 'छिछोरे' में तो खुद सुशांत सिंह राजपूत ने ही कहा था 'आत्महत्या किसी भी परेशानी का हल नहीं है। हमें लड़ना चाहिए।' इतनी बड़ी बात कहकर खुद उस पर अमल न करने की वजह शायद कुछ बड़ी ही रही होगी!

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