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पहले इस अभिनेत्री के दोस्त और फिर आशिक बन बैठे थे देवानंद, प्यार को दिया था नया नाम

Tue, 26 Sep 2017 11:16 AM IST
amarujala.com- Presented by :मंजू ममगाईं

सार



 
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dev anand
देवानंद की जिंदगी में एक महिला ऐसी भी आई थी, जिससे वो मोहब्बत करते थे। देवानंद की जिंदगी में एक अभिनेत्री ऐसी भी आई थी, जिससे वो मोहब्बत करते थे। देवानंद की उस अभिनेत्री से पहली मुलाकात एक फिल्म के सेट पर हुई थी। अभिनेत्री ने उन्हें प्यार में नया नाम तक दे डाला था... उस हसीना का नाम था सुरैया। देवानंद की सुरैया से पहली मुलाकात फिल्म 'विद्या' के सेट पर हुई थी। देवानंद ने अपना परिचय देते हुए कहा था, ''सब लोग मुझे देव कहते हैं।

आप मुझे किस नाम से पुकारना पसंद करेंगी? इस पर सुरैया ने हंसते हुए जवाब दिया था - 'देव'। इसके बाद उन्होंने सुरैया की आंखों में देखते हुए अपनी चार्मिंग मुस्कान बिखेरी थी। सुरैया ने सवाल किया था, 'आप देख क्या रहे हैं?' जिसके बाद देवानंद ने जवाब दिया 'आप के अंदर कुछ'। सुरैया की जिज्ञासा बढ़ निकली थी, 'मेरे अंदर क्या?' जिसके बाद देवानंद ने जवाब दिया, 'यह मैं आपको बाद में बताउंगा'। 

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Suraiya
सुरैया ने उनके हाथ के पीछे का हिस्सा चूम कर उसका जवाब दिया। निर्देशक ने चिल्ला कर कहा, 'ग्रेट शॉट'। वहां पर मौजूद फोटोग्राफर चिल्लाए, 'एक बार फिर उन्हें चूमिए।'देवानंद ने सुरैया से पूछा। उन्होंने मुंह हिलाया। इस बार देवानंद ने उन्हें गालों पर चूमा। फोटोग्राफर पागल हो गए।  

जब सुरैया को एकांत मिला जो उन्होंने कहा, 'तो आप कुछ कह रहे थे.... मेरे बारे में!' देवानंद ने फ़्लर्ट किया, ''मैं आपके भाव नहीं बढ़ाना चाहता।' 'लेकिन मैं अपने भाव बढ़ाना चाह रही हूं', सुरैया को इस छेड़छाड़ में मजा आने लगा था। 'अगर मैं आपको बताऊं कि मैं आपके बारे में क्या सोच रहा था तो क्या आप उस पर यकीन करेंगी ?' सुरैया ने कहा, 'बिल्कुल।'
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देव आनंद
देवानंद ने कहा, 'आपकी आंखें एक रानी के चेहरे पर चमकते हुए हीरे की तरह हैं। लेकिन....' 'लेकिन क्या ?', सुरैया ने जोर दिया। देवानंद ने कहा, 'आपकी नाक सुंदर तो है लेकिन थोड़ी लंबी है।' सुरैया ने अपनी नाक छुई और कहा, 'आप सही कहते हैं।' देवानंद ने बात आगे बढ़ाई, 'लेकिन यह आपके चेहरे पर सुंदर लगती है।' जैसे ही कैमरा घूमा, देवानंद ने एक फूल को तोड़ा और हवा मे उछाल दिया।

जब वह नीचे गिरने लगा तो उन्होंने उसे अपने होठों से कैच कर लिया। सुरैया ने उस फूल को देवानंद के होठों से निकाला और चूम लिया। कैमरे ने इस दृश्य को कैद किया और सेट पर मौजूद लोगों ने तालियां बजाईं ।'मेरा जी चाह रहा है कि मैं आपका कोई नाम रखूं', देवानंद बोले। 'क्या ?', सुरैया ने पूछा। 

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dfs - फोटो : sbgf
देवानंद ने कहा, 'मैं अपने साथ काम करने वाली हर लड़की का नाम रखता हूं'। 'तुमने बहुत सी लड़कियों के साथ काम किया है ?', सुरैया ने सवाल किया। देवानंद ने कहा बहुत तो नहीं.... हां थोड़ी बहुत जरूर... लेकिन चुनिंदा। सुरैया की खूबसूरत आंखें मुस्कराईं, 'तो आप मेरा क्या नाम रखना चाह रहे थे?'

देवानंद ने शब्द को लंबा करते हुए जवाब दिया, 'नोओओ...ज़ीssss। ' सुरैया ने देवानंद की आंखों में देखते हुए उन्हीं के अंदाज़ में शब्द को लंबा करते हुए कहा, 'स्वीईई.....ट।' 
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ग्रेगरी पेक
अगले दिन, एक आउटडोर शूटिंग के दौरान उन्होंने देवानंद से पूछा, 'आपको पता है आपकी शक्ल किससे मिलती है ?' देवानंद ने पूछा, 'किससे?' सुरैया ने शरारत भरी मुस्कान के साथ कहा, 'किसी ने आपको बताया नहीं ?' देवानंद ने कहा, 'मुझे पता नहीं।' 'ग्रेगरी पेक से', सुरैया ने कहा और देवानंद के चेहरे पर आने वाले भावों को पढ़ने लगीं।

देवानंद ने कहा मुझे यह तुलना पसंद नहीं। बहुत दिनों से लोग ऐसा कह रहे हैं। ''लेकिन क्यों नहीं? देखने में वह इतना अच्छा लगता है', सुरैया ने देवानंद की तारीफ की। देवानंद ने मजाक किया, 'मैं उससे ज़्यादा देखने में अच्छा हूं। ' 
 
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dev anand
सुरैया ने कहा मैं तुम्हारे आत्मविश्वास की दाद देती हूं। देवानंद को यह अहसास हो गया कि सुरैया उन्हें पसंद करने लगी है। उन्होंने बात आगे बढ़ाई, 'क्यों नहीं तुम मुझे ग्रेगरी पेक से बेहतर नाम देतीं?' सुरैया सोचने लगीं। तभी शॉट लेने का बुलावा आ गया।

जैसे ही कैमरा घूमा, देवानंद ने एक फूल को तोड़ा और हवा में उछाल दिया। जब वह नीचे गिरने लगा तो उन्होंने उसे अपने होठों से कैच कर लिया। सुरैया ने उस फूल को देवानंद के होठों से निकाला और चूम लिया। कैमरे ने इस दृश्य को कैद किया और सेट पर मौजूद लोगों ने तालियां बजाईं। सुरैया ने देवानंद को अपने पीछे आने का इशारा किया। 
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देव आनंद
जब देवानंद उनके पास पहुंचे तो वह पलटीं और उनसे कहा, 'मैं तुम्हें स्टीव कह कर बुलाऊंगी।' 'स्टीव क्यों?' 'बस यूं ही। क्योंकि मुझे यह नाम पसंद है।' देवानंद ने कहा अगर तुम्हें पसंद है तो मुझे भी पसंद है। दोनों ने हाथ मिलाए... कुछ ज़्यादा ही देर तक... देवानंद ने उनके हाथ को दबाया।

सुरैया ने उनका हाथ दबा कर उसका जवाब दिया। अच्छे दोस्त से नजदीकी दोस्त और फिर आशिक बनने की यह शुरुआत थी।
 
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