सुलक्षणा ने कहा था, 'संजीव के चले जाने के बाद मैं डिप्रेशन में चली गईं। मैंने लगभग खुद को खत्म ही कर लिया था लेकिन भगवान की मर्जी थी कि मैं बच गई और आज भी मैं अपनी जिंदगी जी रही हूं हालांकि मैं अभी भी उस सदमे से उबरी नहीं हूं। मैंने अपने कमरे का दरवाजा बंद कर लिया है और पूरे दिन मैं सिर्फ अच्छी फिल्में देखती हूं, गाने सुनती हूं ताकि मैं जिंदगी और इस दुनिया का सामना कर पाऊं।'