सुलेमान मर्चेंट
- फोटो : सुलेमान मर्चेंट
सुलेमान मर्चेंट ने कहा, 'मंदिरा और आशीष ने राज को अस्पताल ले जाने के लिए कार में बिठाया, लेकिन वो बेहोश हो रहा था। मेरे ख्याल से आशीष और मंदिरा राज को लीलावती अस्पताल ले जाना चाहते थे। लेकिन, अगले 5-10 मिनट में ही उन्हें एहसास हो गया कि राज की नब्ज जा चुकी है। इससे पहले कि वो दोनों राज को डॉक्टर के पास लेकर पहुंचते, बहुत देर हो चुकी थी।'