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Harivansh Rai Bachchan: पौलेंड में लगी हरिवंश राय बच्चन की वामन मूर्ति की ये है दिलचस्प कहानी, इस साल दुनिया भर में पहुंचेंगे इसके किस्से

Thu, 20 Jan 2022 01:34 PM IST
अपूर्वा राय अमर उजाला ब्यूरो, मुंबई

सार

हरिवंश राय बच्चन की पुण्यतिथि के तिथि के दिन इसी शहर व्रोक्ला में हर साल होने वाले ग्रैंड ऑर्केस्ट्रा ऑफ क्रिसमस चैरिटी फाउंडेशन (Grand Orchestra of Christmas Charity Foundation-WOSP) का विश्वव्यापी आयोजन शुरू हुआ।
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हरिवंश राज बच्चन की मूर्ति - फोटो : अमर उजाला, मुंबई
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विस्तार
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देश के ख्यातिलब्ध साहित्यकारों में शुमार डॉ. हरिवंश राज बच्चन की यादें इस साल पोलैंड के शहर व्रोकला में सालाना होने वाले मेले की धुरी बन गईं। अपने 29 साल के इतिहास में अब तक करीब 2800 करोड़ रुपये इकट्ठा कर चुकी द ग्रेट ऑर्केस्ट्रा ऑफ क्रिसमस चैरिटी फाउंडेशन नामक इस संस्था ने इस साल डॉ. बच्चन की पुण्यतिथि के दिन अपनी विश्वव्यापी आयोजन की मुहिम की शुरुआत की। गौरतलब है कि पोलैंड के सबसे खूबसूरत ऐतिहासिक शहरों में शामिल व्रोकला को यूरोप की सांस्कृतिक राजधानी के रूप में भी पहचाना जाता है और इसकी एक खासियत ये भी है कि इस शहर को बौनों के शहर के रूप में भी पहचान मिली है।

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हरिवंश राज बच्चन की मूर्ति - फोटो : अमर उजाला, मुंबई
सैकड़ों छोटी छोटी मूर्तियां व्रोकला शहर की गलियों और चौराहों की शोभा बढ़ाती हैं और इनमें से एक महत्वपूर्ण और प्रसिद्ध मूर्ति हरिवंश राय बच्चन की भी है। पुराने शहर के मुख्य चौराहे पर स्थापित डॉ. बच्चन की लघु मूर्ति शहर का आकर्षण केंद्र बिंदु रही है। इस  मूर्ति का अनावरण अमिताभ बच्चन ने 16 दिसंबर 2019 को किया था। शहर में ये लघु मूर्तियां लगाने के पीछे भी एक दिलचस्प कहानी है। बताते हैं कि पोलैंड जब दमनकारी कम्युनिस्ट शासन के अधीन था, तो "ऑरेंज अल्टरनेटिव" नामक एक भूमिगत आंदोलन ने शासन का विरोध शुरू किया था। जब पोलैंड में साम्यवाद नहीं रहा तो तब व्रोकला के अधिकारियों ने शहर में नोम (Gnome) यानी बौनों के रूप में चर्चित रहे लोगों को खासतौर से ये याद किया। इनको सौभाग्य का प्रतीक भी माना जाता है।

harivansh rai bachchan - फोटो : Social Media
बताते हैं कि पोलैंड और यूरोपीय परंपरा में इन छोटी मूर्तियों को ऐसी पुण्य आत्मा माना जाता है जो हमारे बीच रहती हैं। ये मूर्तियां, बच्चों और बड़ों को समान रूप से प्रिय होती हैं। हरिवंश राय बच्चन की पुण्यतिथि के तिथि के दिन इसी शहर व्रोक्ला में हर साल होने वाले ग्रैंड ऑर्केस्ट्रा ऑफ क्रिसमस चैरिटी फाउंडेशन (Grand Orchestra of Christmas Charity Foundation-WOSP) का विश्वव्यापी आयोजन शुरू हुआ। और, फाउंडेशन के ग्रैंड ऑर्केस्ट्रा ने फैसला किया कि वे व्रोकला के सिटी चौराहे पर स्थापित हरिवंश राय बच्चन की स्मारक मूर्ति को ही सामाजिक कार्यों के लिए धन जुटाने के प्रयासों का केंद्रबिंदु बनाएंगे।

क्रिसमस चैरिटी फाउंडेशन (WOSP) का यह ग्रैंड ऑर्केस्ट्रा वास्तव में  पोलिश कैलेंडर में सबसे बड़ा स्वैच्छा से हर उम्र के लोगों द्वारा दान देने का कार्यक्रम है। इससे जुटाए हुए धन का उपयोग समाज में सबसे वंचित लोगों के स्वास्थ्य और कल्याण पर होता  है। मूल रूप से इस धन का उपयोग बच्चों के लिए किया जाता था फिर इसका  दायरा बढ़ाकर बच्चों और बुजुर्गों के लिए किया गया। अब इसका उपयोग सभी आयु वर्गों के लिए किया जाता है|
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पोलैंड में हरिवंश राय बच्चन के नाम पर चौराहा - फोटो : instagram/amitabhbachchan
इस एक दिवसीय चैरिटी कार्यक्रम में लगभग सवा लाख  स्वयंसेवक शामिल होते हैं। संयुक्त राज्य अमेरिका से लेकर जापान तक स्वंसेवक  धन जुटाते हैं। इसी क्रम में व्रोकला शहर ने भी यथासंभव मदद करने की पेशकश की और हरिवंश राय बच्चन की मूर्ति को एकता के प्रतीक के रूप में दुनिया भर में प्रचलित करने  का संकल्प लिया। इसी क्रम में ऑनलाइन डोनेशन प्राप्ति को आसान बनाने के लिए इस साल डॉ. बच्चन की  मूर्ति में एक क्यूआर कोड लगाया गया है ताकि दुनिया भर में दानकर्ता आसानी से अपना सहयोग दे सकें।
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