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Interview: घर से बगावत कर साउथ की सुपरस्टार बनी इटावा की ये बेटी, फिल्मी सफर पर कई खुलासे

Wed, 24 Jul 2019 12:43 PM IST
anand anand मुंबई डेस्क, अमर उजाला
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Pia Bajpai - फोटो : social media
पिता बीमा कंपनी में अधिकारी हो, मां शिक्षा विभाग में काम करती हों तो उत्तर प्रदेश के छोटे शहरों के बच्चे अपना करियर ज्यादा दूर का नहीं सोच पाते। लेकिन, इटावा में जन्मी पिया बाजपेयी के नाम का डंका मुंबई से लेकर तमिल, तेलुगू और मलयालम सिनेमा तक गूंज रहा है।

आपका म्यूजिक वीडियो तेरा शहर तो खूब धमाल मचा रहा है, क्या कह रहे हैं इस वीडियो को लेकर आपके चाहने वाले?
टी सीरीज के इस म्यूजिक वीडियो को लाखों लोग अब तक देख चुके हैं। लेकिन, सबसे सटीक बात मेरी एक दोस्त ने बताई। वह ये कि इस वीडियो में मेरे किरदार को एक बहुत ही बारीक रेखा पर चलना था। जरा सा इधर उधर होता तो मेरा किरदार वैम्प के किरदार में बदल सकता था। पर इस वीडियो का यही चैलेंज था और मुझे खुशी है कि मैं इस कसौटी पर खरी उतरी।
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Pia Bajpai - फोटो : file photo
आपने घरवालों से बगावत कर सिनेमा में कदम रखा। तमाम सुपरहिट फिल्में साउथ में दीं और अब हिंदी सिनेमा भी आपको फिर बुला रहा है, तो क्या तैयारी है आगे की?
हां, ये सच है कि घर वाले मुझे फिल्मों में नहीं जाने देना चाहते थे। लेकिन, मैंने घर वालों से बात की और उनकी भावनाएं भी समझीं। हर माता पिता को अपने बच्चों की चिंता रहती है। वे भी यही कहते थे कि हमारा कोई जानने वाला न मुंबई में है और न फिल्म इंडस्ट्री में तो जो कुछ करना है सब मुझे अपने बूते करना है। चुनौतियों कबूलने की मुझे लगता है मेरे अंदर शुरू से आदत रही है।
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Pia Bajpai - फोटो : social media
तो साउथ की सफलता का हिंदी सिनेमा में कितना फायदा हो रहा है?
दक्षिण भारतीय फिल्मों की मैं हमेशा ऋणी रहूंगी खुद को एक बेहतर अभिनेत्री बनाने में मदद करने के लिए। मैंने सिनेमा का क ख ग वहीं सीखा है। कैमरे को कैसे फेस करना है। कहां से लाइट पकड़नी है। कैमरे के सामने कितना चलकर कहां रुकना है, सब मैंने वहीं के निर्देशकों से और तकनीशियनों से सीखा। हिट फिल्मों का जश्न मनाना सीखा। फ्लॉप फिल्म को सबक मानकर आगे बढ़ना सीखा। हिंदी सिनेमा मेरी अपनी मातृभाषा का सिनेमा है, पर वहां की भाषाएं सीखने का भी अलग फायदा रहा।
 

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Pia Bajpai - फोटो : social media
ओटीटी के विस्तार ने अभिनेताओं के सामने अपार संभावनाएं खोल दी हैं, आपका क्या कहना है इस बारे में?
हां, मेरे पास तकरीबन रोज ही किसी न किसी वेब सीरीज का प्रस्ताव आता है। लेकिन, मेरा मानना है कि अभिनेताओँ को वेब सीरीज या सिनेमा की कैटेगरी में नहीं बांटना चाहिए। बड़े चेहरों के वेब कंटेंट में आने से यह हालात आने वाले दिनों में और बेहतर होंगे, ऐसा मेरा मानना है।
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Pia Bajpai - फोटो : social media
अमर उजाला को लेकर आपकी क्या यादें हैं?
हमारे घर शुरू से अमर उजाला अखबार आता रहा है। देश दुनिया से मेरी पहली पहचान अमर उजाला ने ही कराई। अब भी मुंबई में रहूं, हैदराबाद रहूं या चेन्नई रहूं, अमर उजाला का ई पेपर सुबह सुबह जरूर पढ़ती हूं।
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