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Sooraj Pancholi Interview: सुसाइड नोट की हैंडराइटिंग पर सनसनीखेज खुलासा, इस एक वजह से बरी हो गए सूरज पंचोली

Sun, 30 Apr 2023 01:40 PM IST
निधि पाल अमर उजाला ब्यूरो, मुंबई
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सूरज पंचोली - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, मुंबई

अभिनेत्री जिया खान आत्महत्या मामले में सीबीआई की स्पेशल कोर्ट ने 10 साल चले मुकदमे के बाद अभिनेता सूरज पंचोली को बरी कर दिया। ‘अमर उजाला’ से एक खास मुलाकात में सूरज पंचोली कहते हैं, ‘एक इंसान के जीवन का सबसे महत्वपूर्ण समय वह होता है जब वह 20 साल का होता है। लेकिन इस उम्र में मुझे एक आतंकवादी की तरह जेल में डाल दिया गया। अब मेरे बीते 10 साल कौन लौटाएगा?’ इस पूरे मामले में उनकी दलीलें क्या रहीं और किस वजह से वह बरी हुए, पढ़िए सूरज पंचोली का ये इंटरव्यू।   

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सूरज पंचोली - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, मुंबई

जिया खान को आत्महत्या के लिए उकसाने के लिए आपको आरोपी बनाया गया तो उस समय आपकी क्या मनोदशा रही होगी?
उस समय तो मुझे समझ में कुछ नहीं आ रहा था कि मेरे साथ क्या हो रहा है? 20-21 साल का था जब मुझे जेल में डाल दिया गया। मैंने पिछले 10 साल से यह सब क्यों झेला आज तक मुझे समझ में नहीं आया। ये मेरे 10 साल कौन वापस करेगा। 10 साल से मैं एक ऐसी लड़ाई लड़ रहा था जिसका मुझे लग रहा था कि कोई अंत ही नहीं होगा। कोर्ट ने जो भी फैसला लिया और कोर्ट में जो कुछ भी हुआ है। उन दो घंटों के फैसले में मेरी 10 साल की लड़ाई थी। यह दूसरों के लिए एक दिन की न्यूज हो सकती है लेकिन जो जिया के साथ हुआ है,वह किसी के साथ, किसी की फैमिली के साथ नहीं होना चाहिए।

इसे भी पढ़ें- Jawan: 'जवान' में दोहरी भूमिका में नजर आएंगे किंग खान? इस दिग्गज अभिनेता की फिल्म से हैं प्रेरित

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सूरज पंचोली - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, मुंबई

फिर भी आपने इस मुद्दे पर कभी सार्वजनिक तौर पर बात नहीं की?
मेरे दिमाग में बार- बार यही सवाल आता था कि गुनहगार मैं क्यों? मैं तो  जिया को सिर्फ पांच महीने से जानता था। उस समय तो जिया के बारे में मुझे बहुत कम पता था। उनकी मानसिक स्थिति और उनकी पारिवारिक समस्या के बारे में मुझे कुछ नहीं पता था। जब यह हुआ तो सिर्फ मुझ पर ही उंगली क्यों उठाई गई, क्योंकि मैं उसका बॉयफ्रेंड था? मैं अंदर ही अंदर घुटन महसूस कर रहा था और खुद से ही सवाल करता था कि क्या किसी के साथ एक रिलेशनशिप में रहना, किसी से दोस्ती करना गुनाह है? मुझे एक ऐसा विलेन बनाया गया जो मैं नहीं हूं। मैं 10 साल से चुप था। कभी मैंने मीडिया में इस केस को लेकर बात नहीं की, क्योंकि वहां बात करने से मैं निर्दोष साबित नहीं होता।

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सूरज पंचोली - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, मुंबई
और, अदालत में ऐसा क्या हुआ कि आप निर्दोष साबित हुए?
मैंने जिया के साथ जो पांच महीने बिताए सिर्फ वह पांच महीने ही तफ्तीश में चेक किए गए कि सूरज क्या था? मुझे एक सुसाइड लेटर के नोट पर गिरफ्तार कर लिया गया। और, 10 साल के बाद कोर्ट में यह साबित होता है कि वह सुसाइड लेटर जिया की लिखावट में है ही नहीं, वह लिखावट तो उनकी मां के लिखावट से मैच हो रही है।
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सूरज पंचोली - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, मुंबई

थोड़ा विस्तार से बताइए इसे..
जिस डायरी से छह पेज का सुसाइड लेटर मैच किया गया, वह डायरी किसकी थी, इसका कभी भी पुलिस, सीबीआई या फिर जांच अधिकारी टीम ने पता ही नहीं लगाया। कोर्ट में यह बात साबित हुआ है कि वह डायरी राबिया खान की थी, जिया खान की नहीं। डायरी में जितने भी नोट्स लिखे गए थे, वे जिया खान की मां राबिया खान के लिखे हुए थे। और, डायरी में जितने भी नोट्स लिखे गए थे उसकी लिखावट सुसाइड लेटर से मैच हो रही थी। अगर पुलिस और सीबीआई टीम इसकी जांच पहले ही कर ली होती तो मुझे 10 साल पहले 21 साल की उम्र में जेल नहीं जाना पड़ता। अदालत ने यही कहा कि यह लिखावट जिया खान की नहीं बल्कि उनकी मां राबिया खान की लिखावट है और मुझे निर्दोष साबित कर दिया गया। 

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सूरज पंचोली - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, मुंबई

कभी आपको इस बात का अहसास हुआ कि एक सेलिब्रिटी का बेटा होने के नाते आपको टारगेट किया जा रहा है?
मुझे न्याय मिलने में इतना वक्त इसलिए लग गया क्योंकि मैं एक एक्टर का बेटा हूं। मुझे आर्थर रोड की उस अंडा सेल में रखा गया, जहां आतंकी अजमल कसाब को रखा गया था। मैं आतंकवादी थोड़े ही था। वहां मैं एक महीने बंद था सिर्फ इसलिए कि मैं  किसी के साथ रिलेशनशिप था। बाकी पहलुओं पर ध्यान ही नहीं दिया गया। जिया की मम्मी के दो फोन हैं आज तक चेक उन्हें नहीं किया गया। जिया के खुद के दो फोन थे। उनकी मम्मी ने जांच अधिकारी को सिर्फ एक ही फोन दिया। जिया के लैपटॉप, आईपैड को जांच में  नहीं शामिल किया गया।

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सूरज पंचोली - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, मुंबई

जब आप एक महीने के बाद जेल से जमानत पर बाहर आए तो आपके प्रति लोगों की क्या प्रतिक्रिया थी?
जमानत पर रिहा होने के बाद मैं हर निर्माता- निर्देशक के ऑफिस में काम  मांगने के लिए गया लेकिन मुझे किसी ने काम नहीं दिया। मेरे सिर पर केस की तलवार लटक रही थी। मेरी स्थिति ऐसी हो गई थी कि मैं न तो आगे बढ़ सकता था और न ही कुछ और कर सकता था। मुझे जब इंडस्ट्री में काम नहीं मिल रहा था तो मैंने सोचा विदेश जाकर कोई और काम कर लूं लेकिन  मैं बाहर भी जाकर काम नहीं कर सकता था क्योंकि मेरा पासपोर्ट मेरे पास नहीं था।

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सूरज पंचोली - फोटो : सोशल मीडिया

और फिर, सलमान खान ने आपको 'हीरो' में लांच किया?
सलमान भाई से इस केस के कुछ साल पहले मेरी मुलाकात हुई थी और उन्होंने मुझसे वादा किया था कि वह मुझे अपनी फिल्म में लांच करेंगे। उन्होंने जो मेरे लिए किया, बाकी किसी ने नहीं किया। उनका मैं बहुत ही आभारी रहूंगा। उसके बाद फिर कभी जाकर उनसे काम नहीं मांगा। उन्होंने मेरे लिए जितना भी किया काफी है।

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सूरज पंचोली - फोटो : सोशल मीडिया

सलमान खान से आपकी मुलाकात 'एक था टाइगर' की शूटिंग के दौरान हुई होगी जब आप उसमें सहायक निर्देशक थे?
जी, हां। 'एक था टाइगर' के निर्देशक कबीर खान को मैं असिस्ट कर रहा था। उस दौरान सलमान भाई के साथ बहुत अच्छी बॉन्डिंग बन गई थी। उनके साथ काम करने का मेरा यह अनुभव रहा है कि जो वह कमिटमेंट करते हैं, उसे पूरा करते हैं। जब इंडस्ट्री में मुझे कोई काम देने को तैयार नहीं था, तब सलमान भाई ने अपना हाथ मेरे  सिर  पर रखा।

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सूरज पंचोली - फोटो : social media

आप तो एक्टर बनना चाह रहे थे फिर सहायक निर्देशक के रूप में करियर शुरू करने की कोई खास वजह?
मैंने पहली बार निर्माता, निर्देशक संजय लीला भंसाली की फिल्म 'गुजारिश' में बतौर सहायक निर्देशक काम किया था। उनके साथ ढाई साल तक काम किया। भंसाली सर के साथ काम करके उससे काफी कुछ सीखने को मिला। सहायक निर्देशक के रूप में काम करने की वजह यही रही है कि बहुत सारी टेक्निकल चीजें सीखने को  मिलती है और आप के लोगों से अच्छे संबंध बनते हैं। ऐसा ही कुछ 'एक था टाइगर' की शूटिंग के दौरान भी था, लेकिन इस फिल्म के बाद फिर किसी फिल्म में असिस्ट नहीं किया, अपने एक्टिंग करियर पर ध्यान दिया।

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सूरज पंचोली - फोटो : सोशल मीडिया

अदालत के फैसले के बाद तो आपके प्रति लोगों का नजरिया बदल गया होगा?
जी, अब ये केस मेरी लाइफ से खत्म हो गया है। आज के इंटरव्यू के बाद इस जिंदगी के बारे में कभी बात भी नहीं करूंगा। अब मुझे आगे बढ़ना है और अपनी जिंदगी के बारे में सोचना है। मुझे अपना परिवार बनाना है, सिर्फ करियर ही नहीं और भी बाकी चीजें अपनी जिंदगी की सुधारनी है। बहुत सारे लोगों के फोन आए, इंडस्ट्री में तो सब जानते ही थे कि इसमें मेरी कोई गलती नहीं थी। पर, जब तक यह केस खत्म नहीं हुआ था, मैं न यहां का था और न वहां का।

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