सूरज पंचोली
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, मुंबई
थोड़ा विस्तार से बताइए इसे..
जिस डायरी से छह पेज का सुसाइड लेटर मैच किया गया, वह डायरी किसकी थी, इसका कभी भी पुलिस, सीबीआई या फिर जांच अधिकारी टीम ने पता ही नहीं लगाया। कोर्ट में यह बात साबित हुआ है कि वह डायरी राबिया खान की थी, जिया खान की नहीं। डायरी में जितने भी नोट्स लिखे गए थे, वे जिया खान की मां राबिया खान के लिखे हुए थे। और, डायरी में जितने भी नोट्स लिखे गए थे उसकी लिखावट सुसाइड लेटर से मैच हो रही थी। अगर पुलिस और सीबीआई टीम इसकी जांच पहले ही कर ली होती तो मुझे 10 साल पहले 21 साल की उम्र में जेल नहीं जाना पड़ता। अदालत ने यही कहा कि यह लिखावट जिया खान की नहीं बल्कि उनकी मां राबिया खान की लिखावट है और मुझे निर्दोष साबित कर दिया गया।