राजश्री प्रोडक्शन की फिल्मों की शुरू से ही खासियत रही है कि वह साथ सुधरी फिल्में बनाते हैं। इस तरह की फिल्में वह इस लिए बनाते हैं, क्योंकि बचपन से ही उनको अपने घर वालों से ऐसे संस्कार मिले हैं। बॉलीवुड में विषय को लेकर कई तरह के प्रयोग हुए और दर्शकों के सिर पर ठीकरा फोड़ते हुए कहा गया कि दर्शकों की डिमांड पर ऐसी फिल्में बनाते हैं। लेकिन, अब दर्शकों ने बॉलीवुड के तमाम फिल्मकारों को सचेत कर दिया कि अब दर्शकों के डिमांड पर बनाई जाने वाली फिल्में वह खुद ही बैठकर देखे। इंडस्ट्री में जब संस्कार की बात होती है तो राजश्री परिवार में जो संस्कार देखने को मिला है, वैसा संस्कार इंडस्ट्री के परिवार में कहीं और देखने को नहीं मिला है। ऐसे ही संस्कार सूरज बड़जात्या में देखने को मिले, जब वह महेश भट्ट से मिले और उनके सामने जमीन पर बैठ गए।