सोनू सूद
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सोनू ने आगे बताया कि ' फिर भी वो बच नहीं पाए। इसके बाद फिर समस्या आई अंतिम संस्कार के लिए। उनके पास पैसे नहीं थे। अंतिम संस्कार के लिए जगह नहीं मिल रही थी। इसके बाद हमने उनके अंतिम संस्कार की भी व्यवस्था कर दी। इस दौरान मेरे मन मे एक विचार आया। आज देश का हर इंसान चाहे वो गरीब हो या अमीर, उसका स्ट्रगल शुरू होता है घर से। उसके बाद ऑक्सीजन, फिर अस्पताल, फिर बेड, फिर आईसीयू, वेंटिलेटर और श्मशान तक यह जारी रहता है।'