एंटीफोसफोलिपिड सिंड्रोम
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इस सिंड्रोम का असर शरीर की धमनियों, नसों और अंगों पर पड़ता है। उनमें खून के थक्के जमने से रक्तप्रवाह में बाधा आती है और अंगों में समस्याएं आने लगती हैं। इसके कारण गर्भ, किडनी, फेफड़े, दिमाग, हाथ-पैर आदि अंग प्रभावित होते हैं जिससे गर्भपात, अंगो का निष्क्रिय होना और आघात जैसी दिक्कतें हो सकती हैं। डॉक्टर तान्या बताती हैं, “ये समस्या महिला और पुरुष दोनों में होती है। कई बार बच्चों को भी हो जाती है। लेकिन ये ज्यादातर महिलाओं में ही देखने को मिलती है।” डॉक्टर तान्या रोहतगी के मुताबिक महिलाओं में ऑटो इम्यून संबंधी बीमारियां ज्यादा पाई जाती हैं। ऐसा होने का कारण आनुवांशिक भी हो सकता है और हार्मोनल भी। महिलाओं के शरीर में मौजूद हार्मोन जैसे इस्ट्रोजन आदि के कारण भी उनका खून गाढ़ा होता है और थक्के जमने का खतरा ज्यादा होता है।