शरवरी वाघ
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'बंटी और बबली' का आपका किरदार 'फॉरगॉटन आर्मी' से कितना अलग है?
'फॉरगॉटन आर्मी' एक वॉर ड्रामा है। इसमें मेरा काफी संजीदा किरदार था। उसमें एक्शन बहुत किया है साथ ही जज्बात भी उस किरदार में बहुत अधिक है। 'बंटी और बबली 2' इससे पूरी तरह अलग है। इसमें कॉमेडी है, मसाला है, गाने है, बहुत अलग किरदार और कहानी है। मेरे लिए यह बहुत अच्छा मौका है।
सिनेमा जगत में आपके जानने वाला कोई नहीं है। मौके तलाशते हुए कितना संघर्ष करना पड़ा?
मेरे पिता शैलेश वाघ बिल्डर हैं, मेरी मां नम्रता वाघ इंटीरियर डिजाइनर हैं। मेरे परिवार का कोई भी सदस्य फिल्मी दुनिया से नहीं है। इस वजह से मेरी राह काफी मुश्किल रही। मुंबई में काम की तलाश में पहुंचने वालों को मौका मिलने में बरसों लग जाते हैं। मैं भी 2014 से कोशिश कर रही हूं और अब 2020 में मुझे अच्छा मौका मिला है। मुझे तमाम लोगों ने रिजेक्ट भी किया है। लेकिन, असली संघर्ष तभी शुरू होता है जब लोग आपको नकारते हैं। अगर आप एक बार ठान लेते हैं तो कुछ भी मुश्किल नहीं होता है। मेरा मानना है कि कोशिश करने वालों की वाकई कभी हार नहीं होती।