रोमांस, तकरार, बिछड़ना और फिर मिलना...फिल्म की कहानी में जब तक ये चीजें न हों तब तक मजा नहीं आता। कहते हैं कि प्यार में धर्म-जाति का भेद नहीं होता है। फिल्मों में हमेशा यह दिखाया जाता है कि प्यार करने की कोई उम्र नहीं होती है। इस प्यारे रिश्ते में रंगभेद, जात-पात, बड़ा-छोटा कद मायने नहीं रखता। लेकिन ऐसा नहीं है कि यह सब बातें सिर्फ बड़े पर्दे पर ही दिखाई जाती हैं, बल्कि फिल्म इंडस्ट्री ऐसी तमाम जोड़ियां हैं। एक ऐसी ही जोड़ी है भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान मंसूर अली खान पटौदी और बॉलीवुड अदाकारा शर्मिला टैगोर की। तो चलिए विस्तार से जानते हैं शर्मिला टैगोर और मंसूर अली खान पटौदी की प्रेम कहानी... जिन्होंने असल जिंदगी में जाति और धर्म से अलग हटकर अपना लाइफ पार्टनर चुना।