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Shakeel Badayuni Birthday: सरकारी नौकरी छोड़ शकील साहब ने किया था मुंबई का रुख, नौशाद के साथ खूब जमी थी जोड़ी

Wed, 03 Aug 2022 09:00 AM IST
ज्योति राघव एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला
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शकील बदायूंनी-नौशाद - फोटो : सोशल मीडिया
अपने जमाने के मशहूर कवि, शायर और गीतकार रहे शकील बदायूंनी की आज जयंती है। शकील बदायूंनी ने अपने करियर में 'चौदहवीं का चांद', 'प्यार किया तो डरना क्या', 'न जाओ सैंया छुड़ा के बैयां कसम तुम्हारी', 'हुस्नवाले तेरा जवाब नहीं' और 'सुहानी रात ढल चुकी' समेत कई एक से बढ़कर एक हिट गाने दिए। इनके लिखे गीतों को जब धुन मिली तो वह गाने सुपरहिट साबित हुए। बता दें कि शकील बदायूंनी को फिल्मी गाने लिखने की ऐसी धुन सवार हुई कि इसके लिए उन्होंने अपनी सरकारी नौकरी एक पल में छोड़ दी और सीधे चले आए मुंबई। मुंबई आने के बाद कैसा रहा इनका सफर आइए जानते हैं....
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शकील बदायूंनी
यूपी के बदायूं में हुआ था जन्म
जैसा कि इनके नाम से ही स्पष्ट है। शकील बदायूंनी का जन्म 3 अगस्त 1916 को उत्तर प्रदेश के बदायूं में हुआ था। पढ़ाई करने के लिए वे यूपी के अलीगढ़ गए और अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी से पढ़ाई की। एएमयू से निकलने के बाद शकील बदायूंनी ने दिल्ली में सप्लाई ऑफिसर के तौर पर नौकरी शुरू की। मगर, उन्हें तो धुन सवाल थी फिल्मी गीत लिखने की। लिहाजा, उन्होंने अपनी नौकरी छोड़ दी और वर्ष 1944 में मुंबई चले गए। बता दें कि शकील बदायूंनी का असली नाम शकील अहमद था। मगर, बदायूं से होने के चलते उन्होंने उपनाम के तौर पर बदायूंनी लगाना शुरू किया और इस तरह वे शकील बदायूंनी बन गए।
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शकील बदायूंनी - फोटो : Social media
नौशाद साहब के साथ शुरू हुआ सफर
मुंबई पहुंचकर शकील बदायूंनी की मुलाकात फिल्म निर्मात-निर्देशक ए आर करदार से हुई। उन्होंने ही बदायूंनी को संगीतकार नौशाद साहब से मिलवाया और इसके बाद तो उनकी किस्मत खुल गई। बता दें कि शकील बदायूंनी और नौशाद साहब की जोड़ी बॉलीवुड की मशहूर गीतकार और संगीतकार जोड़ियों में शुमार रही। दोनों ने न सिर्फ कई फिल्मों के लिए सुपरहिट गाने दिए, बल्कि व्यक्तिगत जीवन में भी इनकी दोस्ती काफी गहरी थी। 
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शकील बदायूंनी - फोटो : सोशल मीडिया
दिलचस्प थी पहली मुलाकात
नौशाद साहब की शकील बदायूंनी से पहली मुलाकात काफी दिलचस्प थी। दरअसल इस दौरान नौशाद साहब ने शकील बदायूंनी से कुछ लिखने को कहा था। उन्होंने लिखा, 'हम दर्द का अफसाना, दुनिया को सुना देंगे, हर दिल में मोहब्बत की हम आग लगा देंगे...'। शकील साहब के इस गाने से नौशाद साहब बेहद प्रभावित हुए। नौशाद के साथ शकील साहब ने पहली बार फिल्म 'दर्द' के लिए गीत लिखे, जो सुपरहिट हुए। इसके बाद नौशाद साहब ने 'दर्द', 'दीदार', 'बैजू बावरा', 'मदर इंडिया', 'मुगल-ए-आजम', 'गंगा जमुना' और 'मेरे मेहबूब' समेत कई फिल्मों के लिए बदायूंनी से गाने लिखवाए। बॉलीवुड को कई शानदार गाने देने वाला यह गीतकार 20 अप्रैल 1970 को दुनिया छोड़कर गया। मगर शकील साहब के गाने आज भी खूब चाव से सुने जाते हैं।
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