वसीम बरेलवी
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो , मुंबई
वसीम बरेलवी की मशहूर गजल का मतला कुछ यूं है..
उसूलों पे जहां आंच आए टकराना जरूरी है
जो जिन्दा हों तो फिर जिन्दा नजर आना जरूरी है
और, फिल्म ‘जवान’ के गाने ‘जिंदा बंदा’ से पहले शाहरुख खान के लिखे और बोले संवाद में इसे कुछ यूं शामिल किया गया है...
उसूलों पर जहां आंच आए टकराना जरूरी है
बंदा जिन्दा हो तो जिन्दा नजर आना जरूरी है
जिन लोगों ने भी सोमवार को रिलीज हुआ ये गाना सुना और जिन जिनको वसीम बरेलवी के इस शेर के बारे में पता था, उन सबका ध्यान सबसे पहले इसी तरफ गया। यूट्यूब पर गाने के क्रेडिट में वसीम बरेलवी का नाम भी लिखा मिला।
उसूलों पे जहाँ आँच आये टकराना जरूरी है: वसीम बरेलवी