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जब टूट गई थी नदीम-श्रवण की जोड़ी, टी सीरीज के मालिक की हत्या के बाद ऐसे बदले थे हालात

Thu, 22 Apr 2021 11:16 PM IST
अमरीन हुसैन एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला
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नदीम-श्रवण - फोटो : Social media

90 के दशक में संगीत की दुनिया में सबसे मशहूर नदीम-श्रवण की जोड़ी भला किसको याद नहीं होगी। उस दौर में इनके म्यूजिक की खूब डिमांड थी और नदीम-श्रवण की तूती बोला करती थी। अब खबर है की श्रवण का निधन हो गया है। वे कोरोना से संक्रमित होने के बाद से मुंबई के एक अस्पताल में भर्ती थे।

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नदीम-श्रवण - फोटो : Social media

ये खबर सुनते ही फैंस को तगड़ा झटका लगा है। बता दें कि श्रवण राठौड़ एक जमाने में नदीम सैफी के साथ मिलकर एक से एक गाने बनाया करते थे। इस जोड़ी को ऑडियन्स भी उतना ही पसंद करती थी। दोनों ने संगीत की दुनिया में बेहतरीन मुकाम हासिल कर लिया था।

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नदीम-श्रवण - फोटो : Social media

इसके बाद एक वक्त ऐसा आया कि कामयाबी के अर्श पर चढ़ी ये जोड़ी एक दिन धाराशायी हो गई। ये तब हुआ जब जोड़ीदार नदीम सैफी पर टी सीरीज के संस्थापक की हत्या की साजिश का आरोप लग गया। बस फिर क्या था ‘आशिकी' जैसी फिल्म में आकॉनिक म्यूजिक देने वाली ये जोड़ी वहीं टूट गई। यह साल 2005 में दोस्ती फिल्म के संगीत के बाद हुआ।

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नदीम-श्रवण - फोटो : Social media

बता दें कि पहली बार इस जोड़ी ने 1979 में भोजपुरी फिल्म 'दंगल' में अपना संगीत दिया था। लेकिन नदीम-श्रवण को पहचान मिली फिल्म 'आशिकी' से। इस फिल्म के गाने सुपरहिट रहे। इनकी जोड़ी टी सीरीज के गुलशन कुमार की पसंदीदा जोड़ी थी। गुलशन कुमार की हत्या के आरोप में नदीम सैफी को देश छोड़कर लंदन में बसना पड़ा।

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नदीम-श्रवण - फोटो : Social media

नदीम सैफी साल 2000 से लंदन में रह रहे हैं। साल 1997 में नदीम पर गुलशन कुमार की हत्या की साजिश का आरोप लगा था। बाद में साल 2002 में सबूत नहीं मिलने के कारण अदालत ने इस मामले को रद्द कर दिया था। हालांकि, इस दौरान नदीम पर गिरफ्तारी का वारंट वापस नहीं लिया गया।

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नदीम-श्रवण - फोटो : Social media

एक बार एक इंटरव्यू के दौरान नदीम ने कहा था कि 'इस मामले में मुझे न्याय मिलना चाहिए। बगैर न्याय हासिल किए मैं मरना नहीं चाहता। मेरे माता-पिता को पता चले कि मैं निर्दोष था। मैं इंसाफ का इंतजार कर रहा हूं। भारत सरकार मुझे न्याय दे। मेरे बच्चों को पता चले कि उसके पापा ने गलत काम नहीं किया था।'

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नदीम-श्रवण - फोटो : Social media
बता दें कि 12 अगस्त को 1997 को मुंबई के अंधेरी में गुलशन कुमार की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। हत्या के वक्त गुलशन कुमार जीतेश्वर महादेव मंदिर में पूजा करने के बाद लौट रहे थे। तभी शूटर राजा ने गुलशन कुमार के शरीर में 16 गोलियां दाग दी थीं। इस मामले में अदालत ने 19 संदिग्ध में से सिर्फ एक को दोषी पाया।
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