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अवैध निर्माण मामले में सोनू सूद को सुप्रीम कोर्ट से मिली बड़ी राहत, बीजेपी नेता ने महाराष्ट्र सरकार पर साधा निशाना

Fri, 05 Feb 2021 04:56 PM IST
दीपाली श्रीवास्तव एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला
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सोनू सूद - फोटो : facebook/ActorSonuSood
बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) की ओर से अवैध निर्माण को लेकर अभिनेता सोनू सूद को नोटिस जारी किया गया था। इस मामले में सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई, जिसमें अभिनेता को बड़ी राहत मिली है। सुप्रीम कोर्ट ने बृहन्मुंबई महानगरपालिका से कहा है कि 'सोनू सूद के खिलाफ फिलहाल कोई कार्रवाई ना की जाए।' तो वहीं, सोनू सूद की तरफ से कहा गया है कि 'वह सुप्रीम कोर्ट से अपनी याचिका वापस ले रहे हैं और बीएमसी के पास विवाद सुलझाने के लिए जा रहै हैं। जिसपर चीफ जस्टिस एसए बोबडे ने कहा कि यह अच्छा कदम है।' चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया एसए बोबडे, एएस बोपन्ना और वी रामासुब्रमण्यम की बेंच ने सोनू सूद की याचिका पर सुनवाई की और इस मामले पर अपना फैसला सुनाया।
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Ram Kadam
सोनू सूद को सुप्रीम कोर्ट से राहत मिलने के बाद इस मामले पर बीजेपी नेता राम कदम ने अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने न्यूज चैनल इंडिया टुडे को दिए इंटरव्यू में कहा, 'कंगना रनौत प्रकरण के बाद सर्वोच्च न्यायालय का निर्णय न केवल नागरिक निकाय बल्कि राज्य सरकार के चेहरे पर एक और बड़ा थप्पड़ है।'


 
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सोनू सूद - फोटो : Social Media
बीजेपी नेता ने आगे कहा, 'राज्य सरकार ने सोनू सूद के खिलाफ कार्रवाई की क्योंकि उन्होंने शिवसेना सरकार की विफलता को उजागर किया। कोरोनो वायरस संकट के दौरान राज्य सरकार का यह कर्तव्य था कि वह प्रवासियों और अन्य लोगों की देखभाल करें, जो बेघर और बेरोजगार थे, लेकिन सरकार के बजाय, वहां सोनू सूद जैसे लोग थे जिन्होंने लोगों की मदद की।' राम कदम ने आगे कहते हैं कि, 'अभिनेता द्वारा किए जा रहे अच्छे काम और सरकार के निष्क्रिय रवैये को पूरी दुनिया ने देखा और इसलिए राज्य सरकार को गुस्सा आ गया। वे सोनू सूद को सबक सिखाना चाहते थे और इसीलिए बीएमसी ने इस तरह से काम किया क्योंकि नागरिक निकाय में सेना राज है।'

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सोनू सूद - फोटो : सोशल मीडिया
सुप्रीम कोर्ट से राहत मिलने पर सोनू सूद ने राहत की सांस ली और एक पोस्ट शेयर करते हुए लिखा, 'सुप्रीम कोर्ट ने मुझे सही फैसला लेने के लिए समय दिया है। मैंने जो भी काम किया वो लीगल तरीके से ही किया था, लेकिन उसे गलत तरीके से दिखाया गया। मुझे हमेशा से न्यायपालिका में पूरा विश्वास था और मैंने हमेशा कानून का पालन किया है। मैं हमेशा अपने बिजनेस को कानून के दायरे में ही चलाता हूं, हर तरह की परमीशन भी लेकर रखता हूं।'
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सोनू सूद - फोटो : Social Media
बीएमसी ने पिछले साल अक्टूबर में सोनू सूद को नोटिस जारी किया था। बीएमसी ने अपने नोटिस में आरोप लगाया था कि सोनू सूद ने छह मंजिला 'शक्ति सागर' रिहायशी इमारत में ढांचागत बदलाव कर उसे होटल में तब्दील कर दिया। इस मामले में 21 जनवरी को बॉम्बे हाईकोर्ट ने बीएमसी के पक्ष में अपना फैसला सुनाय था। इसके बाद एक्टर ने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया था।
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