सोनू सूद
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बीजेपी नेता ने आगे कहा, 'राज्य सरकार ने सोनू सूद के खिलाफ कार्रवाई की क्योंकि उन्होंने शिवसेना सरकार की विफलता को उजागर किया। कोरोनो वायरस संकट के दौरान राज्य सरकार का यह कर्तव्य था कि वह प्रवासियों और अन्य लोगों की देखभाल करें, जो बेघर और बेरोजगार थे, लेकिन सरकार के बजाय, वहां सोनू सूद जैसे लोग थे जिन्होंने लोगों की मदद की।' राम कदम ने आगे कहते हैं कि, 'अभिनेता द्वारा किए जा रहे अच्छे काम और सरकार के निष्क्रिय रवैये को पूरी दुनिया ने देखा और इसलिए राज्य सरकार को गुस्सा आ गया। वे सोनू सूद को सबक सिखाना चाहते थे और इसीलिए बीएमसी ने इस तरह से काम किया क्योंकि नागरिक निकाय में सेना राज है।'