सर्वगुण संपन्न
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, मुंबई
नायिका जब नायक के शादी करने का विचार करती है तो उसका भाई कहता है, गलती करत बाटे ते। नायिका की मां कहती है, जज्बात से जिंदगी ना चलेगा, एक बात सुन ल बेटी, हम शादी के वचन देहले बाटी, अगर हमार वचन टूट जाई त हमार सांस टूट जाई। नायिका की मां उसकी शादी किसी और से करवाती है। लड़के का बाप कहता है, 'तोहर आन्हर बिटिया से साथ बियाह जेवर और घन के खातिर करत बाटी।' नायिका उसकी बात सुनकर कहती है, 'चला जा हमरा दरवाजा से आपन सरकारी कटोरा लेके।' फिर नायिका की शादी गूंगे से होती है और दोनों अपनी जिंदगी की शुरुआत कर रहे होते हैं कि जिंदगी में एक नया मोड़ आता है।