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Saroj Khan: आठ महीने की बच्ची को दफनाकर काम पर लौटी थीं सरोज खान, इस गाने ने दिलाई एतिहासिक पहचान

Mon, 03 Jul 2023 09:45 AM IST
दीक्षा पाठक एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला
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सरोज खान - फोटो : अमर उजाला

बॉलीवुड इंडस्ट्री में हजारों कलाकारों ने अपनी कला का प्रदर्शन किया होगा, लेकिन कई ऐसे लेजेंड होते हैं,जो युगों युगों तक दर्शकों के दिल में बस जाते हैं। हिंदी सिनेमा में हजारों कलाकारों को अपने इशारों पर नचाने वाली कोरियोग्राफर सरोज खान आज भले ही हमारे बीच में नहीं हैं, लेकिन उनके द्वारा कोरियोग्राफ किए गाने आज भी हमारे बीच उन्हें अमर किए हुए हैं। सरोज खान हमेशा से ही अपनी प्रोफेशनल लाइफ से ज्यादा अपनी पर्सनल जिंदगी को लेकर चर्चा में रही हैं।

 
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सरोज खान - फोटो : सोशल मीडिया

सरोज खान ने अपने करियर में करीब 350 फिल्मों के तीन हजार से भी ज्यादा गाने कोरियोप्राफ किए थे। नृत्य जगत में आज भी सरोज खान को टक्कर देने वाला कोई नहीं है। कोरियोग्राफी की दुनिया में सरोज खान को सब 'मास्टर जी' कहकर पुकारते थे, मगर यह पदवी हासिल करने के सफर में उन्हें कठिन संघर्ष से गुजरना पड़ा था। तो चलिए जानते हैं अभिनेत्री की जिदंगी से जुड़े कुछ दिलचस्प किस्से।

 
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सरोज खान - फोटो : अमर उजाला मुंबई

सरोज खान का जन्म साल 1948 में किशनचंद सिद्धू सिंह और नोनी सिद्धू सिंह के घर में हुआ था। मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो विभाजन के वक्त सरोज खान का परिवार भारत में आ गया था। सरोज खान का असली नाम निर्मला किशनचंद संधु सिंह नागपाल था।

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सरोज खान - फोटो : Instagram

सरोज खान बचपन से ही कला प्रेमी थीं। महज तीन साल की उम्र में उन्होंने फिल्मों में काम करना शुरू कर दिया था। वह पहली फिल्म 'नजराना' में बेबी श्यामा के रूप में नजर आई थीं। हालांकि, सरोज खान को लोकप्रियता ‘हवा हवाई’ गाने से मिली थी। आपको बता दें कि सरोज आठ फिल्मफेयर समेत अमेरिकन कोरियोग्राफी अवॉर्ड भी जीत चुकी हैं। कहा जाता है कि सरोज खान कभी भी काम में छुट्टी नहीं लेती थीं।

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सरोज खान - फोटो : सोशल मीडिया

मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो एक इंटरव्यू सरोज खान ने बताया था की उनकी बेटी आठ महीने की थी, जब उसका निधन हुआ था। उस दिन सरोज ने बेटी को दफनाने के बाद उसी शाम को ट्रेन पकड़ ली थी क्योंकि उन्हें हरे रामा हरे कृष्णा के गाने दम मारो दम की शूटिंग के लिए पहुंचना था।

 
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