संजय राउत- सिनेमाघर मालिकों के साथ
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देश में सिनेमा का कारोबार मुख्य रूप से हिंदी, तेलुगू और तमिल सिनेमा पर सबसे ज्यादा निर्भर करता है। दुनिया के मुख्य मनोरंजन बाजारों में भारत की गिनती होती है। कोरोना काल के बावजूद भारतीय मनोरंजन जगत ने एक अनुमान के मुताबिक 70 अरब रुपयों से ज्यादा का कारोबार बीते साल किया हालांकि इसमें प्रमुख योगदान सीधे ओटीटी पर रिलीज हुई फिल्मों और वेब सीरीज का रहा। हिंदी फिल्मों की टिकट बिक्री से होने वाली आमदनी में सबसे ज्यादा हिस्सा हमेशा से मुंबई फिल्म वितरण क्षेत्र का रहा है, इसके बाद दिल्ली-यूपी और ईस्ट पंजाब वितरण क्षेत्र की बारी आती है। बिहार, मध्य प्रदेश, झारखंड, छत्तीसगढ़ और राजस्थान आदि राज्यों से होने वाली कमाई इन तीनों वितरण क्षेत्रों से काफी कम है। यही वजह है कि महाराष्ट्र के सिनेमाघर बंद होने का असर अब हिंदी फिल्मों के कारोबार पर दिखने लगा है।