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क्रूर, लालची 'कौशल्या' बनकर खूब लोकप्रिय हुईं मनोरमा, लोग करने लगे थे ऐसी 'चाची' से नफरत

Mon, 15 Feb 2021 01:25 PM IST
अपूर्वा राय एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला
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manorma - फोटो : instagram
'सीता और गीता' 'दो कलियां', 'दो फूल' में खलनायिका का किरदार निभाने वालीं अभिनेत्री मनोरमा की आज पुण्यतिथि है। मनोरमा इस अभिनेत्री का असल नाम नहीं था। साल 1941 में रिलीज हुई फिल्म खज़ानची में मनोरमा नाम का किरदार निभाने के बाद उन्हें इसी नाम से जाना जाने लगा। आज ही के दिन लंबी बीमारी के बाद मनोरमा का निधन हो गया था।
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मनोरमा - फोटो : ट्विटर
1972 में आई 'सीता और गीता' में मनोरमा द्वारा निभाया गया कौशल्या चाची का किरदार आज भी लोकप्रिय है। मनोरमा ने अपने फिल्मी करियर में ज्यादातर खलनायिका और हास्य कलाकार की भूमिका ही निभाई। मनोरमा की आखिरी फिल्म दीपा मेहता की वाटर थी, जिसमें उन्होंने विधवा आश्रम की मुखिया की भूमिका निभाई थी।
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मनोरमा - फोटो : ट्विटर
लाहौर में बतौर बाल कलाकार अपना फिल्मी करियर शुरू करने वाली मनोरमा ने राजन हक्सर से निकाह किया था। दोनों विभाजन के बाद भारत आ गए थे, और निर्माता बन गए। फिल्मों में क्रूर चाचियां- सौतेली मांयें तो बहुत आईं, इनमें कुछ ने दर्शकों को हंसाया भी और परेशान भी किया, लेकिन 'सीता और गीता' की मनोरमा की बराबरी न कोई कर सकी और न कर सकेगी। आलम कुछ ऐसा था कि सीता और गीता के बाद लोग इस चाची से नफरत करने लगे थे।
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मनोरमा - फोटो : ट्विटर

मनोरमा की गोल-गोल आंखें, मटकाकर बोलना, बेचारी सीता की संपत्ति पर कुंडली मारकर बैठना आज भी दर्शक पसंद करते हैं। मनोरमा ने अपने फिल्मी करियर में 150 से ज्यादा फिल्में कीं। ज्यादातर फिल्मों में मनोरमा ने निगेटिव किरदार निभाया। साल 2008 में मनोरमा का लंबी बीमारी के बाद निधन हो गया था। 

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