राम तेरी गंगा मैली
राजश्री प्रोडक्शन की फिल्म 'सौदागर' में उन्हें संगीत देने का मौका मिला। ये फिल्म तो हिट नहीं हुई लेकिन फिल्म का गाना 'सजना है मुझे सजना के लिए' बहुत मशहूर हुआ। इसके बाद रवींद्र राजश्री कैंप का अहम हिस्सा बन गए। 1972 में कांच और हीरा की असफलता के बाद उन्होंने फिल्म चोर मचाए शोर, चितचोर, तपस्या, दुल्हन वही जो पिया मन भाए, अंखियों के झरोखों से, राम तेरी गंगा मैली, हिना, इंसाफ का तराजू, प्रतिशोध जैसी कई फिल्मों में संगीत दिया।