रवीना टंडन इंटरव्यू
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, मुंबई
मैं जैसी हूं, वैसी ही दिखती हूं
मुझे कभी इस बात पर कोफ्त नहीं हुई कि मैं कैसी दिखती हूं। मुझे ईश्वर ने जैसा बनाया, जैसा रखा, मैंने हमेशा उस पर फख्र महसूस किया। स्कूल-कॉलेज के दिनों में मैं गोलू-मोलू थी तब भी और अब जबकि मैं 50 के पास हो चुकी हूं तब भी, मैंने खुद को स्वस्थ रखने के लिए सिर्फ व्रत का और शारीरिक व्यायाम का ही सहारा लिया। मेरा मानना है कि कम खाना बढ़ती उम्र की सबसे अच्छी औषधि है।