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फैमिली डॉक्टर से वैजयंतीमाला की शादी की खबर सुनकर राज कपूर को लगा था झटका

Mon, 13 Aug 2018 10:41 PM IST
सुनीता कपूर, अमर उजाला
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वैजयंतीमाला
13 अगस्त 1936 को एक दक्षिण भारतीय परिवार में जन्मी वैजयंतीमाला को नृत्य से काफी लगाव था और यही उनके फिल्मी करियर की वजह भी बना। एक डांस शो के दौरान एवीएम फिल्म कंपनी के मालिक एम वी रमन ने उन्हें अपनी फिल्म में काम करने का ऑफर दिया लेकिन वैजयंतीमाला अपनी पढ़ाई पूरी करना चाहती थी, इसलिए उन्होने इस ऑफर को ठुकरा दिया लेकिन रमन ने उन्हें अच्छी खासी रकम ऑफर कर उन्हें अपनी फिल्म में काम करने के लिए राजी कर लिया। 
 
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vyjayanthimala
इस तरह तमिल फिल्म के हिन्दी रीमेक 'बहार' से उनके करियर की शुरुआत हुई। फिल्म तो खास नहीं कर पाई लेकिन वैजयंतीमाला के अद्भुत नृत्य प्रतिभा ने हिन्दी के फिल्ममेकर्स का ध्यान अपनी और खींचा। नतीजतन उन्हें फिल्मों के ऑफर मिलने लगे। 50 के दशक में फिल्मों में नृत्य को काफी महत्त्व दिया जाता था खासकर शास्त्रीय नृत्य को और वैजयंती इसमें पारंगत थी।  
 
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vyjayanthimala
यही वजह थी कि अभिनय प्रतिभा से शून्य होने के बावजूद वैजयंती स्टार बन गयी। 1954 में नंदलाल जसवंत लाल की फिल्म 'नागिन' ने वैजयंती के करियर को शिखर पर पहुंचा दिया। इसके बाद दिलीप कुमार के साथ आई 'देवदास' ने उनके स्टारडम को पुख्ता कर दिया। इस फिल्म में वैजयंती चंद्रमुखी के किरदार में थी। पहली बार लोगों ने माना की वैजयंती एक्टिंग भी कर सकती है। सही मायनों में 'देवदास' ही वो फिल्म थी जिसने उन पर से डांसर का लगा ठप्पा हटा दिया। 

 

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vyjayanthimala
इसके बाद आई 'गंगा-जमना' और 'लीडर' जैसी फिल्मों की सफलता ने दिलीप कुमार और वैजयंतीमाला की जोड़ी को विज चंपत बना दिया। इस जोड़े ने आगे चलकर 'नया दौर' और 'मधुमति' जैसे बेशकीमती तोहफे हिंदी सिनेमा को दिए। फिल्म 'नजराना' के दौरान दिलीप कुमार और वैजयंती के बीच किसी बात को लेकर हुआ झगड़ा इतना बढ़ गया कि दोनों ने फिर कभी एक साथ काम ना करने की कसमें खा ली और दोबारा कभी एक साथ फिल्मों में नजर नहीं आये।

 
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vyjayanthimala
दिलीप कुमार के साथ अनबन होने के बाद वैजयंती राजकपूर खेमे में शामिल हो गयी। राजकपूर के साथ उनकी फिल्म 'संगम' जबरदस्त हिट रही लेकिन ये जोड़ी स्थायी नहीं रह सकी। दरअसल वैजयंती किसी खेमेबाजी में यकीन नहीं रखती थी इसलिए उन्होने दूसरे नायकों के साथ भी काम करना जारी रखा जो राजकपूर को बिलकुल पसंद नहीं था लेकिन वैजयंती इसकी परवाह किये बगैर अपना काम करती रही। दरअसल नरगिस से अलगाव के बाद राजकपूर के तन्हा दिल को किसी मरहम की जरूरत थी और वैजयंती में उन्हें उम्मीद दिखाई दे रही थी लेकिन वैजयंती को अपने करियर की फिक्र ज्यादा थी और राजकपूर इसे सहन नहीं कर पा रहे थे। 

 
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vyjayanthimala and raj kapoor
राजकपूर वैजयंतीमाला की याद में बिसूरते ही रह गए और वैजयंती ने उनके ही फैमिली डॉक्टर बाली से शादी का फैसला कर राजकपूर के साथ पूरी इंडस्ट्री को हैरान कर दिया। राजकपूर के लिए ये किसी सदमे से कम नहीं था लेकिन उन्होंने कभी इस बारे में कुछ नहीं कहा। डॉक्टर बाली के साथ शादी कर वैजयंती ने सिनेमा को अलविदा कह दिया और अपनी घर-गृहस्थी में रम गयी। हालांकि वैजयंती का ये असमय संन्यास फिल्ममेकर्स को रास नहीं आया और उन्होंने वैजयंती को इंडस्ट्री में वापस लाने की पूरी कोशिश की लेकिन असफल रहे। 

यश चोपड़ा फिल्म 'दीवार' में मनोज कुमार और वैजयंती को लेना चाहते थे लेकिन वैजयंती संन्यास के अपने फैसले पर अटल रही 80 के दशक में उन्होंने राजनीति में भी हाथ आजमाया और कांग्रेस के टिकट पर सांसद भी चुनी गई लेकिन राजनीति में उनका मन रमा नहीं। आजकल वैजयंती माला अपनी समृद्ध यादों के साये तले अपने दिन गुजार रही हैं।
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