raj kapoor and nargis
मधु जैन अपनी किताब, 'फर्स्ट फैमिली ऑफ इंडियन सिनेमा- द कपूर्स' में लिखती हैं, नरगिस ने अपना दिल, अपनी आत्मा और यहां तक कि अपना पैसा भी राज कपूर की फिल्मों में लगाना शुरू कर दिया। जब आर के स्टूडियो के पास पैसों की कमी हुई तो नरगिस ने अपने सोने के कड़े तक बेच डाले थे। कहा तो यहां तक जाता है कि नरगिस की शादी की खबर सुनकर राज कपूर अपने आप को सिगरेट बटों से जलाते, ये देखने के लिए कि कहीं वो सपना तो नहीं देख रहे। नरगिस के जीवनीकार टीजेएस जॉर्ज लिखते हैं, इसके बाद से ही राज कपूर ने बेइंतहा शराब पीनी शुरू कर दी।