राहत इंदौरी
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मध्यप्रदेश के इंदौर में जन्मे राहत इंदौरी के बिना अब यह शहर अधूरा सा लगता है। किसी जमाने में इस शहर में मजदूरी करने आए राहत साहब के पिता ने कभी यह सोचा भी नहीं होगा कि एक दिन राहत साहब की पहचान इस शहर के नाम से होगी। आम से शब्दों में खास बात पेश का हुनर था राहत इंदौरी में। अपनी शायरी के माध्यम से उन्होंने हर खास बात को बेहद ही आम शब्दों में उकेरा है।
सरहदों पर बहुत तनाव है क्या,
जरा पता तो करो चुनाव है क्या,
खौफ बिखरा है दोनों सम्तों में,
तीसरी सम्त का दबाव है क्या।