बंजर जमीन पर अपनी मेहनत से खेती करने का अनुभव साझा करते हुए आर माधवन बहुत गौरवान्वित महसूस कर रहे हैं। वह कहते हैं कि किसी भी जमीन को अपनी मेहनत से सींचा जाना और उसकी शक्ल ही बदल देना अपने आप में बहुत संतुष्टि प्रदान करता है। माधवन बताते हैं कि उन्होंने इस खेती को करते हुए न सिर्फ मेहनत की है, बल्कि बहुत कुछ सीखने भी मिला है। अब माधवन चाहते हैं कि उनका यह तरीका दूसरे किसानों तक भी पहुंचाया जाए। ताकि, किसान बंजर जमीन को भी खेती के अनुकूल बनाकर उसमें अच्छी फसल पैदा कर सकें।