फिल्म- प्यासा सावन
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मौसमी चटर्जी वाला रोल रेखा को भाया
जीतेंद्र, मौसमी चटर्जी और रीना रॉय को लेकर बनी फिल्म ‘प्यासा सावन’ जिस साल 1981 में रिलीज हुई, वह साल हिंदी सिनेमा का संक्रमण काल माना जाता है। इस साल दर्शकों ने कमल हासन व रति अग्निहोत्री की फिल्म ‘एक दूजे के लिए’, संजय दत्त की फिल्म ‘रॉकी’ और कुमार गौरव व विजेयता पंडित की फिल्म ‘लव स्टोरी’ को भी हिट कराया और साथ ही हिट कराया मनोज कुमार की ‘क्रांति’ और अमिताभ बच्चन की फिल्मों ‘नसीब’, ‘लावारिस’, ‘कालिया’, ‘याराना’ को। इन फिल्मों के साथ साथ जीतेंद्र की फिल्में ‘मेरी आवाज सुनो’, ‘एक ही भूल’ और ‘प्यासा सावन’ भी हिट रहीं। इस फिल्म में मौसमी चटर्जी वाला रोल करने के लिए रेखा ने खूब पापड़ बेले। जीतेंद्र पर डोरे डाले लेकिन फिल्म के निर्देशक दासरी नारायण राव ने उन्हें जो रोल ऑफर किया वह था इस किरदार के बेटे की प्रेमिका वाला रोल। फिल्म में जीतेंद्र का डबल रोल है। और, रेखा ने बहुत कोशिश की कि वह सीनियर जीतेंद्र की पत्नी वाला रोल किसी तरह पा सकें। लेकिन, नारायण राव जुबान के पक्के इंसान माने जाते थे और उन्होंने मौसमी को दिया वादा तोड़ने से इंकार कर दिया। इंकार रेखा ने भी इसके बाद कर दिया ये फिल्म करने से और तब इस रोल के लिए मौका मिला रीना रॉय को। रीना रॉय के करियर में ‘प्यासा सावन’ को एक बेहद अहम फिल्म माना जाता है। फिल्म ‘प्यासा सालन’ सुपरहिट तेलुगू फिल्म ‘येदांतस्थुला मेदा’ की रीमेक है।
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