Puri Jagannath
- फोटो : अमर उजाला, मुंबई
किताब पढ़ने के शौक ने बनाया लेखक
आंध्र प्रदेश के गांव पिथापुरम में 28 सितंबर 1966 को जन्मे पुरी जगन्नाथ के पिता सिंहाचलम को किताबें पढ़ने का बहुत शौक था। पुरी जगन्नाथ कहते है, 'मेरे पिता जी इतनी किताबें पढ़ते थे कि किताबों से मेरा घर भर गया। मैं उनकी सारी किताबें पढ़ता था। जब आठवीं तक पहुंचा तो उनकी सभी किताबें पढ़ चुका था। उस समय ज्यादा मुझे कुछ समझ में नहीं आता था। बस किताबें पढ़ता रहा, वहीं से मुझे लिखने की प्रेरणा मिली। मैने एक नाटक लिखा और उसका निर्देशन किया। वह नाटक गांव के लोगों को बहुत पसंद आया, लोगों ने मेरी खूब सराहना की।'