प्रोसेनजीत चटर्जी
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, मुंबई
बिमल रॉय की कौन सी फिल्म का आपके जीवन पर प्रभाव पड़ा और आप को लगा हो कि एक एक्टर के तौर पर उसे अपनी जिंदगी में उतारना चाहिए?
बिमल दा की मैने हर फिल्म देखी है। चाहे वह ‘दो बीघा जमीन’ हो, या फिर ‘देवदास’, ‘मधुमती’, ‘यहूदी’, ‘सुजाता’ या फिर ‘बंदिनी’ हो। फिल्म ‘मधुमती’ का मेरे ऊपर काफी प्रभाव पड़ा। इस फिल्म में वैजयंती माला और दिलीप कुमार साहब ने काम किया था। फिल्म की कहानी एक आधुनिक विचार वाले पुरुष की है जिसे मधुमती नामक एक आदिवासी महिला से प्यार हो जाता है। दोनों किस तरह से अपने रिश्ते में चुनौतियों का सामना करते हैं, इसे बेहद खूबसूरती से परदे पर उतारा गया है।