अनुभव सिन्हा
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, मुंबई
अच्छी कहानियों का समय
‘अमर उजाला’ से एक खास मुलाकात में अनुभव कहते हैं, ‘मुझे इन फिल्मों से आर्थिक फायदा हुआ हो या कि मैं बहुत बड़ा प्रोड्यूसर बन गया हूं, इस सब पर मेरा ध्यान नहीं जाता। और, न ही मैं इस सफलता को अपने ऊपर हावी ही होने देता हूं। हां, सबसे बड़ा फायदा जो मुझे हुआ है वह है कि अब अच्छी कहानियां चलकर मेरे पास आ रही हैं। मैंने लेखकों की अपनी एक टीम इस बीच बनाई है जिनके साथ पटकथाएं लिखने में मुझे सहूलियत होती है। मैं खुद भी इन दिनों तमाम कहानियां सोच पा रहा हूं। कहानियों के इस संकलन से मुझे आगे की दिशा निर्धारित करने में मदद मिलती है। लेकिन अपनी अगली फिल्म शुरू करने से पहले अब मैं थोड़ा आराम चाहता हूं।