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रोहिंग्या कैंप की तस्वीर शेयर करते ही ट्रोल हुईं प्रियंका, यूजर्स बोले-कितने बच्चे गोद ले रही हैं?

Wed, 23 May 2018 03:50 PM IST
एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला
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priyanka chopra - फोटो : Twitter
बॉलीवुड ऐक्ट्रेस और यूनिसेफ की ब्रैंड ऐंबेसडर प्रियंका चोपड़ा हाल ही में बांग्लादेश में रह रहे रोहिंग्या शरणार्थियों के एक शिविर में गईं, जिसकी एक तस्वीर उन्होंने अपने इंस्टाग्राम और ट्विटर अकाउंट पर शेयर की। इस फोटो के साथ प्रियंका ने लिखा, 'मैं रोहिंग्या शरणार्थियों के कैंप के दौरे पर हूं। मेरे अनुभवों को शेयर करने के लिए इंस्टाग्राम पर फॉलो करें। दुनिया को इनकी केयर करने की ज़रूरत है। हमें इनकी केयर करने की जरूरत है।' 
 

 
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priyanka chopra - फोटो : Twitter
लेकिन प्रियंका का यह अंदाज कुछ लोगों को रास नहीं आया और उन्होंने रोहिंग्याओं के शिविर में जाने पर प्रियंका को जमकर ट्रोल किया। एक ट्रोलर ने लिखा, 'आप रोहिंग्या शरणार्थियों के कितने बच्चों को गोद ले रही हैं? चैरिटी की शुरुआत घर से होती है। अपने घर के दरवाजे उनके लिए खोल दीजिए।'
 

 
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priyanka chopra - फोटो : Twitter
वहीं कुछ ट्रोलर्स ने प्रियंका के इस दौरे को पॉलिटिकल स्टंट करार दिया। एक ट्रोलर ने लिखा, बड़ी बात कहने के लिए खेद है .. लेकिन मैं सिर्फ पूछना चाहता हूं .. हम भारतीयों के साथ एक ही समस्या है, भारत को भूल जाओ .. आप खुद ही बताएं मुंबई में आप कितने बार गए, उनकी समस्याओं और जरूरतों के लिए आपने क्या किया ??? हम सराहना करेंगे यदि कुछ समय कम से कम हमारे स्थानों के आस-पास भी रहेंगे। धन्यवाद

इसके बाद ट्वीटर पर ट्रोलर्स आपस में ही उलझ गए। कई लोगों ने प्रियंका के इस काम की तारीफ भी की।
 

 


 

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वहीं एक ट्रोलर ने लिखा, 'प्रियंका ने उनमें से एक रोहिंग्या शराणार्थी से शादी करने का फैसला कर लिया है। बस एक यही तरीका है जिससे वह उनकी मदद कर सकती हैं।' 
खुद प्रियंका ने भी नहीं सोचा होगा कि साफ नीयत से किए जा रहे काम को भी लोग बुरी नीयत और एक एजेंडा के तहत देखेंगे।
 
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बता दें कि प्रियंका को 2010 में यूनिसेफ का ब्रैंड ऐंबेसडर नियुक्त किया गया था, जिसके जरिए वह दुनियाभर के पीड़ित बच्चों की सामूहिक आवाज बनीं और उनके हक के लिए यूनिसेफ के साथ मिलकर काम करती हैं। पिछले साल वह सीरियाई शरणार्थियों से भी मिलीं थी, लेकिन इस बार रोहिंग्या शरणार्थियों के शिविर में जाने पर पर वह ट्रोलर्स के निशाने पर आ गईं। 
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