हिंदी फिल्मों के ऐसे कई कलाकार रहे जिनकी मौत ने सभी को हैरान कर दिया। चाहे श्रीदेवी हों या दिव्या भारती हों, हालांकि इन अभिनेत्रियों की मौत एक्सिडेंटल रही है। किसी अभिनेत्री की हत्या ने बॉलीवुड को चौंकाया तो वह प्रिया राजवंश का मामला था। हालांकि शुरुआत में उनकी मौत को लेकर कई कयास लगाए गए थे। 27 मार्च साल 2000 में उनकी हत्या कर दी गई। तो चलिए बताते है उनकी जिंदगी के बारे में...
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प्रिया राजवंश
- फोटो : फाइल फोटो
प्रिया राजवंश को उनकी फिल्म हीर रांझा के लिए जाना जाता है। उन्होंने अपने करियर में सात फिल्में की हैं। प्रिया राजवंश का जन्म हिमाचल प्रदेश में हुआ। उनका असली नाम वेरा सुंदर सिंह था। उनके पिता वन विभाग में काम करते थे। प्रिया की शुरुआती पढ़ाई हिमाचल में ही हुई। उनके पिता को नौकरी के सिलसिले में लंदन जाने का मौका मिला और फिर प्रिया भी वहां चली गईं। उन्होंने लंदन के रॉयल एकेडमी ऑफ ड्रामैटिक आर्ट से ग्रेजुएशन की पढ़ाई की।
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प्रिया राजवंश
- फोटो : फाइल फोटो
प्रिया उन दिनों लंदन में ही रह रही थीं। 22 साल की उम्र में एक नाटक करने के दौरान एक फोटोग्राफर ने उनकी फोटो खींची और वह फोटो किसी तरह देव आनंद के भाई और निर्देशक चेतन आनंद के पास पहुंची। चेतन आनंद अपनी फिल्म हकीकत के लिए एक नए चेहरे की तलाश कर रहे थे। तस्वीर देखते ही वह प्रिया की खूबसूरती से इस कदर प्रभावित हुए कि उन्हें लगा उनकी फिल्म की हीरोइन मिल गई। चेतन आनंद किसी तरह प्रिया से संपर्क करते हैं और मुंबई आने का न्योता देते हैं। दोनों की मुलाकात होती है और फिल्म के लिए प्रिया हां कर देती हैं।
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प्रिया राजवंश
- फोटो : फिल्म का एक दृश्य
फिल्म हकीकत बॉक्स ऑफिस पर सुपरहिट रही थी। प्रिया राजवंश को भी लोगों ने खूब पसंद किया और वह एक स्टार बन गईं। इसी बीच फिल्म शूटिंग के दौरान चेतन और प्रिया के बीच नजदीकियां बढ़नी शुरू होती हैं। चेतन पहले से शादीशुदा थे लेकिन उनकी अपनी पत्नी के साथ रिश्ते अच्छे नहीं थे। दोनों अलग रह रहे थे। चेतन के दोनों बेटे केतन और विवेक अपनी मां के साथ रहते थे।
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प्रिया राजवंश
- फोटो : फाइल
70 के दशक में प्रिया और चेतन लिव इन रिलेशनशिप में रहने लगे थे। उस वक्त लिव इन में रहना और इसे खुले तौर पर स्वीकार करना बड़ी बात होती थी। फिल्म इंडस्ट्री में धीरे धीरे लोगों को उनके रिश्ते के बारे में पता चलने लगा। दोनों अक्सर पार्टियों और अन्य कार्यक्रम में जाते थे जिसकी वजह से इंडस्ट्री के लोग उन्हें पति-पत्नी की तरह देखने लगे थे।
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प्रिया राजवंश
- फोटो : फाइल
प्रिया बहुत खूबसूरत थीं और उनका अभिनय भी दमदार था इसके बावजूद वह बहुत कम फिल्मों में नजर आईं। इसकी वजह यह थी कि चेतन ने उन्हें बाहर की किसी फिल्म को करने नहीं दिया। उन्होंने जितनी भी फिल्में कीं सभी चेतन के साथ ही की थीं।
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प्रिया राजवंश
- फोटो : फाइल
बताया जाता है कि प्रिया और चेतन करीब 25-27 साल साथ में रहे लेकिन उन्होंने शादी नहीं की। चेतन प्रिया को इस कदर चाहते थे कि उन्होंने खासकर प्रिया के लिए मुंबई के जुहू में एक शानदार बंगला खरीदा। दोनों की जिंदगी खुशहाल बीत रही थी। मामला तब बिगड़ता है जब चेतन ने अपने जीते जी वसीयत लिखी और उसमें अपने दोनों बेटों के साथ प्रिया राजवंश को भी हिस्सा दिया। साथ ही चेतन ने जो बंगला खरीदा था वह काफी बड़ा बंगला था उसमें एक हिस्सा उनके दोनों बेटों का था और एक हिस्सा प्रिया राजवंश के नाम किया।
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प्रिया राजवंश
- फोटो : फाइल
चेतन के दोनों बेटे वसीयत में प्रिया की भागीदारी से नाराज हुए। इस बात को लेकर घर में बहुत झगड़ा भी हुआ। उन्हें लगता था कि प्रिया उनके परिवार का हिस्सा नहीं है ऐसे में वसीयत में उन्हें हिस्सा नहीं देना चाहिए था। प्रिया राजवंश के लिए मुसीबत तब शुरू होती है जब चेतन आनंद की मौत हो जाती है। छह जुलाई 1997 को बीमारी की वजह से चेतन की मौत हुई थी।
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प्रिया राजवंश
- फोटो : फाइल
प्रिया ने भले ही चेतन से शादी नहीं की थी लेकिन वह चेतन की पत्नी की तरह थीं। वह उनका सारा खर्चा उठाते थे। चेतन के निधन के बाद उनके दोनों बेटे प्रिया को परेशान करने लगे। वह चाहते थे कि प्रिया किसी तरह उस बंगले को खाली कर दें जिसकी कीमत धीरे धीरे करोड़ों में पहुंच चुकी थी। अब चेतन के बेटों ने प्रिया की हत्या की योजना बनाई।
चेतन के उस बंगले में नौकर-नौकरानी अशोकन स्वामी और माला चौधरी रहते थे। चेतन की मौत के बाद नौकर-नौकरानी का खर्चा दोनों बेटे उठाते थे। वे चेतन के बेटों के करीब भी थे। ऐसे में दोनों बेटों केतन और विवेक को यह समझ आया कि उस बंगले पर तब तक कब्जा नहीं कर सकते जब तक प्रिया राजवंश की मौत नहीं हो जाती। ऐसे में उन्होंने प्रिया की हत्या की साजिश रची।
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प्रिया राजवंश
- फोटो : फाइल
चेतन आनंद के दोनों बेटों ने प्रिया की हत्या के लिए नौकरों को पैसे का लालच दिया। नौकर-नौकरानी मान गए और गला घोंटकर मारने का प्लान बनाया। 26 मार्च 2000 की रात को माला चौधरी चाय में कुछ नशीली चीज मिलाकर प्रिया को देती है। प्रिया जब बेहोशी की हालत में होती हैं तब अशोकन स्वामी उनका गला घोंट देता है। इसी बीच माला चौधरी को लगता है कि प्रिया जिंदा हैं, तब वह बाथरूम में जाती है और कपड़े धोने वाले पट्टे से सिर पर जोर से दो-तीन बार मारती है। जिसके बाद प्रिया की मौत हो जाती है। 27 मार्च की सुबह पड़ोसियों को पता चलता है कि प्रिया की मौत हो गई है।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट से खुलासा होता है कि प्रिया राजवंश को गला घोंटकर मारा गया। पहले तो चेतन आनंद के दोनों बेटे नौकरों पर इल्जाम लगाते रहे लेकिन जब पुलिस कड़ाई से पूछताछ करती है तब वह टूट जाते हैं। पुलिस चेतन के दोनों बेटों और नौकर-नौकरानी को गिरफ्तार करती है। हालांकि बाद में वे जमानत पर रिहा कर दिए गए। फिलहाल यह मामला कोर्ट में चल रहा है।