Rafia Rashid
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एक इंटरव्यू के दौरान राफिया ने कहा, 'इसे मेरी नियति कहें या एक दौर, लेकिन जब मैं छोटी थी तो मेरे पिता पाकिस्तानी फिल्मों के राजा थे। एमए राशिद का नाम संघर्ष का गोल्ड टिकट माना जाता था। मुझे याद है जब मैं अपने पिता के साथ शूटिंग के सेट पर जाती थी तो सभी प्रोड्यूसर और निर्देशक मुझे बहुत प्यार करते थे। सभी मुझे अपने कंधे पर घूमाते थे। हम सभी बहुत खुश थे, लेकिन जब मेरे पिता का इंतकाल हो गया है तो मेरी जिंदगी बहुत बुरी हो गई। राफिया ने आगे कहा है कि एक समय वह ब्रिटेन में रहती थीं, लेकिन पिता को पाकिस्तान वापस आने के लिए मजबूर होने पड़ा था। उन्होंने कहा, मैं बहुत अमीर महिलाओं में से एक थी,लेकिन आज का सच ये है कि मैं इस रास्ते पर हूं। मैंने भीख नहीं मांगीं क्योंकि मैं बहुत बड़े शख्स के बेटी हूं। मैं अपनी जिंदगी बिताने के लिए खाना बेचती हूं। भले ही यह कुछ हो, लेकिन आसान है।'